पीलीभीत। लोगों द्वारा पकड़कर पुलिस को सौंपे गए लुटेरे जितेंद्र सिंह ने पूछताछ में रक्षाबंधन के पूर्व बाजार में महिला अनुदेशक की चेन लूटने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस का दावा है कि जितेंद्र सिंह ने यह वारदात अपने फरार साथी विक्का के साथ अंजाम दी थी। कोई तहरीर न मिलने पर पुलिस ने दरोगा की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर जितेंद्र को जेल भेज दिया है।
गांधी स्टेडियम रोड पर ड्रमंड कॉलेज गेट के पास रविवार शाम को लुटेरों ने बाइक सवार युवती की चेन लूटने को झपट्टा मारा था। इसमें युवती कृष्ण लोक कॉलोनी निवासी दीप्ति घायल हो गई थी। राहगीरों ने मौके से एक आरोपी चंदोई गांव निवासी जितेंद्र सिंह को पकड़ लिया था, जबकि उसका साथी न्यूरिया थाने का हिस्ट्रीशीटर गांव भिंडारा निवासी विक्रम सिंह उर्फ विक्का बचकर भाग गया था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें उसके पास मिली बाइक नवाबगंज से चोरी की निकली। इधर, घायल युवती और उसके परिजन ने तहरीर देने से इंकार कर दिया। इसके बाद अब पुलिस खुद वादी बनी है। एसएसआई सुनगढ़ी सतीश चंद बाजपेई ने बताया कि दरोगा हरवंश कुमार की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। फरार विक्का की धरपकड़ का प्रयास जारी है। रक्षाबंधन से पूर्व बाजार में मोहल्ला थान सिंह निवासी महिला अनुदेशक रेनू शुक्ला पत्नी अनेंद्र शुक्ला की चेन भी इन्हीं दोनों ने लूटी थी। उक्त चेन को बेच दिया गया। तीन हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। दोनों शातिर किस्म के अपराधी हैं। फरार विक्का को भी जल्द जेल भेजा जाएगा।