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सम्मन तामील कराने गए सिपाहियों को दौड़ाकर पीटा

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पूरनपुर (पीलीभीत)। समन तामील कराने गए हजारा थाने के कांस्टेबल पंकज कुमार और रजनीश कुमार पर हमला बोल दिया गया। दो हिस्ट्रीशीटरों ने साथियों संग मिलकर दोनों सिपाहियों को दौड़ाकर पीटा। बमुश्किल भागकर सिपाहियों ने खुद को बचाया। हजारा पुलिस ने घायल सिपाहियों का मेडिकल परीक्षण कराया। अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के लिए एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
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घटना शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे टाटरगंज गांव में हुई। थाना हजारा पर तैनात सिपाही पंकज कुमार और रजनीश कुमार टांटरगंज निवासी हिस्ट्रीशीटर फूल सिंह को समन तामील कराने गए थे। सिपाहियों ने जब फूल सिंह से समन तामिल करने को कहा तो वहां पर गांव का एक अन्य हिस्ट्रीशीटर मक्खन सिंह भी आ गया। दोनों ने सिपाहियों से उलझना शुरू कर दिया। शोर पर गांव के अन्य लोग भी जमा हो गए। इससे पहले कि सिपाही कुछ समझ पाते सभी ने मिलकर उन पर हमला बोल दिया। उनसे मारपीट की गई। पुलिस से मारपीट होता देख भीड़ में शामिल कुछ लोग तो खिसक गए। इधर, मौका मिलने पर सिपाही किसी तरह वहां से निकल आए। उनके दौड़ाया भी गया। थाने पहुंचकर दोनों सिपाहियों ने खुद के साथ हुई घटना को बताया। इस पर घायल सिपाहियों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी देने के बाद अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गुम चोटें आने पर एक्स-रे की सलाह
दोनों सिपाहियों का मेडिकल परीक्षण करने वाले सीएचसी के डॉ. सहसपाल सिंह ने बताया कि सिपाहियों को खुली चोट नहीं आई है। उनके शरीर पर गुम चोटें मिली है। इस पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक्स-रे के लिए सलाह दी गई है।
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पहले भी धमकाकर पुलिस को लौटा चुके हैं आरोपी
समन तामील कराने आए पुलिसकर्मियों की पिटाई करने वाले आरोपियों ने पहली बार दबंगई नहीं दिखाई है। वह कई दिनों से सिपाहियों को अपने आगे कुछ नहीं समझ रहे थे। उन्होंने बताया कि इससे पहले जब वह समन तामील कराने गए थे उस वक्त भी समन तामिल करने से इंकार करते हुए धमकाया गया था। इस पर वह वापस आ गए थे।

घायल सिपाहियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। हमला करने वाले अपराधियों और उनके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील कुमार, थानाध्यक्ष हजारा

..तो हजारा में पुलिस का नहीं अपराधियों का चल रहा जोर
पूरनपुर (पीलीभीत)। शासन-प्रशासन भले ही अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के तमाम दावे करे लेकिन बीते कुछ दिनों में पुलिस पर हुए हमलों के बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं न कहीं पुलिस कमजोर हुई है। जिले में खासकर पूरनपुर सर्किल के हजारा थाना क्षेत्र के इलाकों में कई बार घटनाएं हो चुकी हैं। मानों वहां पर पुलिस नहीं अपराधियों का जोर चल रहा है। शुक्रवार को समन तामील कराने गए दो सिपाहियों से मारपीट की घटना नई नहीं है।
पुलिस पर हमले की बात करें तो बीते माह बच्चा चोर के शोर में सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के सौंधा गांव में पहुंची पुलिस पर पथराव और हमला कर दिया गया था। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रधान समेत दस को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके अलावा हजारा क्षेत्र के टिल्ला नंबर चार गांव में दो जून को बलवे के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस को तलवार लेकर आई महिलाओं ने घेर लिया था। महिलाएं पुलिस से मारपीट कर पकड़े गए आरोपियों को छुड़ाकर ले गईं थीं। आठ नामजद समेत 20 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मई माह में हजारा क्षेत्र के बाजार घाट गांव में दबिश देने गई पुलिस से मारपीट की गई थी। यहां भी आरोपियों को पकड़ने के बाद भीड़ छुड़ाकर ले गई थी। इसके अलावा अवैध शराब पकड़ने के दौरान भी कई बार पुलिस पर हमले हो चुके हैं।

थाने से आरोपी भागने की सूचना से अफरातफरी
पूरनपुर। थाना हजारा परिसर से मारपीट के आरोपी के पुलिस को चकमा देकर फरार होने की सूचना से अफरातफरी रही। पुलिस की लापरवाही से आरोपी के भागने की चर्चा रही। हालांकि थाना पुलिस ने इसे सिरे से नकार दिया। इंस्पेक्टर हजारा सुनील कुमार ने बताया कि गांव कबीरगंज में दंपती के बीच विवाद हो गया था। महिला से मारपीट की शिकायत पर उसके पति को हिरासत में लिया गया था। गांव के एक संभ्रांत व्यक्ति ने उसकी जिम्मेदारी ली। इस पर उसको चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। इधर, चर्चा यह भी रही कि पुलिस इस मामले को दबाने में इसलिए कामयाब रही, क्योंकि युवक के थाने पर होने की कोई लिखापढ़ी नहीं हुई थी। ब्यूरो
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