जहानाबाद (पीलीभीत)। गोमांस की फुटकर में बिक्री करने की सूचना पर जहानाबाद पुलिस ने चक कटैया गांव में एक बाग के नजदीक छापा मारा। यहां से पुलिस ने गोमांस की बिक्री कर रहे दो तस्करों को गिरफ्तार कर 20 किग्रा गोमांस की बरामदगी दिखाई है। इसके अलावा तराजू-बांट और दो बाइक की बरामदगी भी की गई हैं। पूरे मामले की पड़ताल के बाद पुलिस ने दरोगा की तरफ से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एसआई मनोज कुमार सैनी की ओर से दर्ज की गई गोवध अधिनियम के तहत रिपोर्ट में बताया कि सोमवार सुबह वह कांस्टेबल हरीशंकर, अनूप अवस्थी, अवनीश कुमार के साथ गश्त पर थे। इस बीच उनको सूचना मिली कि चक कटैय्या गांव के कब्रिस्तान के पास कुछ लोग गोमांस बेच रहे हैं। मामला गोमांस से जुड़ा होने पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। यहां से गोमांस की बिक्री करते दो तस्कर ग्राम बाकरगंज निवासी आरिफ और चक कटैय्या निवासी तौफीक को पकड़ लिया। आरोपियों के पास से 20 किग्रा गोमांस, तराजू, बांट और मांस के टुकड़े करने को इस्तेमाल किया जा रहा छुरा भी बरामद हुआ। दोनों की बाइक भी मौके पर खड़ी थीं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने गोमांस की बिक्री करने की बात भी कबूल की। इस पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
साहब ! गांव वाले कह रहे कई बाइक और युवक पकड़कर लाए थे..
जहानाबाद (पीलीभीत)। पुलिस भले ही गोमांस की बिक्री कर रहे दो तस्करों को पकड़कर गुडवर्क दिखा रही हो, लेकिन कार्रवाई पर सवाल उठ गए हैं। चक कटैय्या के ग्रामीणों की कहानी सुनने के बाद बाइक से लेकर पकड़े गए युवकों की संख्या तक एफआईआर से मिलान नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक बाग से गोमांस की तस्करी होती है। सोमवार सुबह जब छापा पड़ा तो काफी भीड़ थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से करीब आठ-दस लोगों को पकड़ा और थाने ले गई थी। यही नहीं घटनास्थल से 20 से अधिक बाइकें कब्जे में लेने की बात भी ग्रामीण करते रहे, जोकि थाना परिसर में भी खड़ी देखी गईं थीं, लेकिन पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में दो बाइक और दो आरोपी पकड़ने का ही जिक्र है। यही वजह रही कि पुलिस पर पकड़े गए आरोपियों को छोड़ने का भी आरोप लगता रहा। इसके पीछे राजनीतिक दबाव की भी चर्चाएं तेज रहीं। चर्चा रही कि पुलिस उन लोगों को भी पकड़ लाई थी, जो वहां पर खड़े थे या फिर गोमांस खरीदने के लिए पहुंचे थे। अगर जांच में उनकी संलिप्ता न मिलने पर उनको छोड़ा गया तो पुलिस ने छिपाया क्यों? सवालों का जवाब देकर स्थिति स्पष्ट करने के बजाय जहानाबाद पुलिस बचती क्यों रही? इसी कार्यशैली के चलते चल रही चर्चाओं को बल मिलता रहा।
इंस्पेक्टर बोले- तस्दीक में नहीं मिली संलिप्तता, इसलिए छोड़ दिया
इंस्पेक्टर जहानाबाद कमल सिंह ने बताया कि गोमांस की सूचना पर छापा मारा गया था। पुलिस के पहुंचने पर कुछ लोग भागने लगे थे। इस पर उनको भी हिरासत में लेकर थाने लाया गया था। गहनता से छानबीन की गई, जिसमें उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई। इस पर उनको छोड़ दिया गया। बाइकों की जांच अभी की जा रही है। फिलहाल दो तस्करों के खिलाफ बरामदगी के आधार पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। किसी तरह का दबाव और साठगांठ के आरोप गलत हैं।
गोमांस बरामदगी के तीन आरोपी गिरफ्तार
पूरनपुर। गोहत्या कर लाए गए मांस की सितंबर 2018 में हुई बरामदगी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। इसमें से रविवार को गोहत्या और पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला की घटना में आरोपी समीर शामिल था।
कोतवाली पुलिस ने 11 सितंबर 2018 को घेराबंदी कर बाइक से लाए जा रहे 120 किलोग्राम मांस को बरामद किया था। मांस ला रहे चार आरोपी पुलिस को देखकर भागने में सफल हो गए थे। पुलिस ने मांस और एक बाइक बरामद की थी। कोतवाली में तैनात रहे दरोगा देवेंद्र कुमार यादव की ओर से चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में गांव मकरंदपुर निवासी सलीम, शेरपुरकलां निवासी मुजीम, समीर, ताजिम प्रकाश में आए। पुलिस ने सोमवार को मुजीम, समीर, ताजिम को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। कोतवाल अतर सिंह ने बताया कि समीर रविवार को गोहत्या के प्रयास और पुलिस पर जानलेवा हमला की घटना में भी शामिल था। ब्यूरो