पीलीभीत। डेढ़ साल की बच्ची को साधु वेशधारी युवक द्वारा अपहृत करने का मामला पुलिस की जांच बढ़ने के साथ ही उलझता जा रहा है। महिला बार-बार बयान बदल रही है। वहीं बच्ची के न मिलने से पुलिस परेशान है। पुलिस को अब यह अंदेशा है कि बच्ची के गुम जाने के बाद अपहरण की कहानी रच दी गई है। हालांकि सत्यता जानने को साक्ष्य जुटाने के साथ ही पुलिस बच्ची की भी तलाश कर रही है। इसके लिए थाना और स्वाट सर्विलांस टीम को लगाया गया है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के बमरौली गांव निवासी गीता देवी पत्नी सर्वेश राठौर की ओर से बुधवार रात रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया था कि बुधवार सुबह वह डेढ़ साल की बच्ची जावित्री के साथ दवा लेने के लिए सीएचसी बिलसंडा गई थीं। दवा लेने से पहले वह शौच के लिए वहां से 25 मीटर की दूरी पर चली गई। बच्ची को 15 मीटर दूर लिटा दिया। इसी बीच साधु वेशधारी युवक आया और बच्ची को अगवा कर ले गया। इसके बाद वह बेहोश हो गई और होश आने पर घर जाकर पूरी बात बताई। पुलिस महिला की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची की तलाश में जुट गई। घटना को बारीकी से समझने के लिए महिला के साथ घटनास्थल देखा और सवाल-जवाब किए तो कई अनसुलझे सवाल उठ गए। सीएचसी के नजदीक रहने वाले ओमप्रकाश ने पुलिस को बताया था कि महिला शाम को बच्ची के साथ तालाब की तरफ गई, लेकिन वापस आते वक्त बच्ची उसके पास नहीं थी। इसकी तस्दीक के लिए दोनों का आमना-सामना कर सवाल किए गए। बताते हैं कि इस पर महिला ने बयान बदलना शुरू कर दिए। पहले महिला इसको नकारती रही लेकिन बाद में कई बार बेहोश होने की बात कही। इसी वजह से बच्ची के बारे में पता न लगने की बात कह डाली। ऐसे में पुलिस को बच्ची के गुम होने के बाद अपहरण का रूप देने का मामला लग रहा है। इससे जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ टीमें लगाकर बच्ची की तलाश तालाब और आसपास के इलाके में कराई जा रही है।
अभी तक की जांच में मामला अपहरण का प्रतीत नहीं हो रहा है। महिला अपने बयान बदल रही है। टीमें सुरागरसी को लगाई गई हैं। बच्ची का पता लगाने के भी प्रयास जारी है, जल्द स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
- मनोज कुमार सोनकर, एसपी