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मुनीम के थैले से 1.36 लाख उड़ाने वाली महिला धरी गई

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पूरनपुर (पीलीभीत)। डीजल इंजन व्यापारी के मुनीम के थैले से 1.36 लाख रुपये उड़ाने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उससे उड़ाई गई नकदी में से एक लाख रुपये बरामद हुए हैं। घटना में प्रयुक्त स्कूटी भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है।
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नगर के ब्लॉक रोड मोहल्ला गनेशगंज निवासी डीजल इंजन व्यापारी अमरजीत सिंह माटा ने शुक्रवार को अपने मुनीम गांव पिपरिया दुलई निवासी विष्णु पांडेय को तीन लाख रुपये बैंक में जमा करने भेजा था। बैंक में कैश काउंटर पर रुपये जमा करते समय थैले से पांच-पांच सौ के 272 नोटों की गड्डी (1.36 लाख रुपये) उड़ा ली गई। बैंक शाखा और व्यापारी के प्रतिष्ठान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में स्कूटी सवार महिला के रुपये उड़ाने का मामला प्रकाश में आया। अगले दिन पुलिस ने व्यापारी अमरजीत सिंह माटा की ओर से नीले रंग की स्कूटी सवार महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। कोतवाल अतर सिंह ने बताया कि महिला को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया। नगर चौकी इंचार्ज निर्देश सिंह चौहान ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में स्कूटी का रंग और नंबर की आखिरी डिजिट पता लग गई थी। इसी के सहारे महिला तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि महिला बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव सिगरा निवासी आरती देवी है। आरती से उड़ाई गई रकम में से एक लाख रुपये बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरती इससे पहले पीलीभीत में भी चोरी के मामले में जेल जा चुकी है।

गुडवर्क को भी छिपाती रही पूरनपुर पुलिस, बोलती रही झूठ
पूरनपुर कोतवाली पुलिस आरोपी महिला को पकड़ने के बाद एक तरफ वर्कआउट के दावे करती रही, वहीं दूसरी तरफ इसको छिपाने का काम भी किया जाता रहा। आरोपी महिला को मीडिया दूर रखा गया। यही नहीं कोतवाली पुलिस इसको लेकर लगातार झूठ बोलती रही। कहा गया कि जिला मुख्यालय पर अधिकारी घटना की प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। उसी में पूरे गुडवर्क को बखूबी बताया जाएगा। इसके बाद गुपचुप तरीके से महिला को चालान करने के बाद न्यायालय में पेश कर दिया गया। मुख्यालय पर किसी तरह की कोई प्रेसवार्ता रखी ही नहीं गई थी। शाम को कोतवाली पुलिस के झूठ का कच्चा चिट्ठा खुला तो जिम्मेदार चुप्पी साध गए। कोतवाली पुलिस द्वारा गुडवर्क को इस तरह से छिपाना कई सवाल खड़े कर गया है।
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शातिर है आरोपी, पहले भी जा चुकी जेल
आरोपी महिला आरती देवी पुलिस के अनुसार शातिर अपराधी है। वह भीड़ के बीच अपने शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम देती है। इससे पहले भी वह कोतवाली पीलीभीत में चोरी के आरोप में पकड़ी गई थी और जेल भी गई थी। कई मामलों में उसके महिला होने के कारण सुलह कर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। उसके अपराध करने का तरीका बेहद साधारण है। वह सार्वजनिक भीड़ वाले प्रतिष्ठान अस्पताल, बैंक आदि में लोगों के बीच शामिल हो जाती है। इसके बाद लोगों पर नजर रखती है कि किसके पास रुपये अधिक हैं। शिकार को चुनने के बाद वह उसके आसपास रहती है और फिर मौका लगते ही घटना को अंजाम देती है। इसके बाद वहां से खिसकने में देरी नहीं लगाती। महिला होने के कारण उस पर कोई जल्दी शक भी नहीं करता।

पुलिस की गिरफ्त में भी धमकाती रही
बताते है कि पकड़ी गई महिला ने पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद भी पीड़ित को देख लेने की धमकी दी। वह खुद को निर्दोष बताती रही। हालांकि पुलिस सीसीटीवी में आई फुटेज से चेहरा मिलान होने का दावा कर रही है।
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