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अफसरों ने तरेरी निगाहें तो लिखी रिपोर्ट

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बरखेड़ा (पीलीभीत)। महिला अपराध को लेकर अधिकारी भले ही मातहतों को तत्काल कार्रवाई का पाठ पढ़ाएं, लेकिन थाना स्तर पर शिकायत मिलने पर पहले संदिग्ध बताकर टालमटोल करने का रवैया अपनाया जा रहा है। विवाहिता से दुष्कर्म की कोशिश और विरोध पर मारपीट करने के जिस मामले को बरखेड़ा पुलिस ने संदिग्ध बताते हुए टाल दिया था। अधिकारियों की सख्ती होते ही उसकी एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब पुलिस जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाने में जुटी है।
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह एक आश्रम में रहती है। उसके पति काम के सिलसिले में बाहर गए हुए हैं। 17 अगस्त की शाम सात बजे महेंद्र और नरेश आश्रम में घुस आए और पीड़ित को दबोच लिया। आरोपियों ने छेड़छाड़ करते हुए दुष्कर्म करने की कोशिश की। बांका और तमंचा दिखाकर धमकाया। विरोध करने पर मारपीट की गई। शोर पर आसपास के लोगों के जमा होने पर आरोपी धमकी देकर भाग गए। एसआई संजीव कुमार तोमर ने बताया कि महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना मुझे मिली है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

इंस्पेक्टर तो रिपोर्ट के बाद भी जताते रहे अनभिज्ञता
महिला की ओर से एफआईआर बरखेड़ा थाने में दर्ज हो गई। इसके बाद भी इंस्पेक्टर बृज किशोर मिश्रा पूरे मामले से अनभिज्ञता जताते रहे। पूछने पर बताया कि वह तहसील दिवस में आए हैं। इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है।
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पुलिस की देरी में कहानी भी बदल गई
इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक सवाल और उठा है। इसमें घटना आश्रम की बताई गई है आरोपी भी दो हैं, जबकि इससे पहले जो तहरीर दी गई थी उसमें कहानी कुछ बदली सी थी। पहले दी गई तहरीर मेें घटना शाम चार बजे की बताई गई थी और आरोपी भी एक ही था। घटनास्थल भी आश्रम नहीं बताया था। फिलहाल पुलिस पहले दी गई तहरीर को लेकर अनभिज्ञता जता रही है।
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