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पकड़े गए दलाल के नाम की गुत्थी सुलझी, लेकिन चालान को दूसरी तहरीर का इंतजार

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बीसलपुर (पीलीभीत)। आपूर्ति कार्यालय से पकड़े गए दलाल के नाम को लेकर फंसा पेंच तहसीलदार की रिपोर्ट मिलने के बाद सुलझ गया है। इससे उस पर कार्रवाई का रास्ता तो साफ हुआ, लेकिन चौथे दिन भी उसका चालान नहीं किया जा सका। कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस अब क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी से नाम सुधार के साथ दूसरी तहरीर लेगी, जिसके बाद आरोपी का चालान हो सकेगा।
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विधायक रामसरन वर्मा ने 29 जुलाई को अफसरों संग आपूर्ति कार्यालय में छापा मारा था। यहां से एक दलाल पकड़ा गया था, जोकि कोतवाली से पुलिस को चकमा देकर निकल गया था। हालांकि बाद में पिता को हिरासत में लेते ही आरोपी दलाल ने खुद ही कोतवाली पहुंच सरेंडर कर दिया था। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रितेश चंद्रा ने कोतवाली में मोहल्ला दुबे निवासी राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी, जबकि पकड़े गए दलाल का नाम श्रीनिवास यादव था। पिता के नाम के स्थान पर भी भिन्नता थी। जिसकी वजह से कार्रवाई अटक गई। नाम को लेकर हुई गलती की जांच एसडीएम सौरभ दुबे ने तहसीलदार विवेेक मिश्रा को दी थी। तहसीलदार ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसमें स्पष्ट कर दिया है कि पकड़े गए दलाल का नाम श्रीनिवास यादव है। नाम की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भी अभी आरोपी का चालान नहीं हो सका है, चूंकि रिपोर्ट राजू के नाम है, इसलिए श्रीनिवास को कैसे जेल भेज दिया जाए। इसलिए अब पुलिस दूसरी तहरीर का इंतजार कर रही है। इसके लिए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी से संपर्क साधा जा रहा है। अब शुक्रवार को कार्रवाई होने की उम्मीद पुलिस जता रही है। कोतवाल हरिशंकर वर्मा ने बताया कि तहसीलदार की रिपोर्ट से पकड़े गए आरोपी का नाम स्पष्ट हो गया है। अब आगे की कार्रवाई की जा रही है। बृहस्पतिवार को भी चालान नहीं हो सका है।

गोलमाल बचाने को किया गया खेल
पकड़े गए आरोपी का नाम तहरीर में गलत लिखकर दिया गया। आरोपी ही नहीं बल्कि राजू नाम का ही कोई दलाल नहीं है। ऐसे में यह अंदेशा है कि आपूर्ति कार्यालय में चल रहे खेल को छिपाने और खुद को बचाने के लिए अफसरों ने खेल कर दिया।
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