बिलसंडा। गांव घनश्यामपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र-द्वितीय में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तारावती (50) की बुधवार को ह्रदयाघात से मौत हो गई। कुछ दिनों से बीमार चल रहीं तारावती की बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें नगर के एक निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति ने एसआईआर और पुष्टाहार वितरण को लेकर विभाग की ओर से दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है।
गांव घनश्यामपुर निवासी तारावती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। पति के अनुसार तारावती की एसआईआर कार्य में ड्यूटी लगाई गई थी। कई दिनों से वह इस कार्य में लगी थीं। कार्य के चलते तीन दिन पूर्व तबीयत खराब हुई थी। मंगलवार को ही पति रमेश बरेली से दवाई लाए थे। इसके बाद भी उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ। बुधवार सुबह ऑनलाइन हाजिरी लगाने के बाद आंगनबाड़ी केंद्र पर ड्यूटी पर पहुंची थीं। तभी उनकी हालत फिर खराब हो गई। जानकारी पर परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति ने आरोप लगाया कि तारावती पर एसआईआर फॉर्म भरने और पुष्टाहार वितरण को लेकर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था, इससे वह मानसिक रूप से भी परेशान थीं।
प्रभारी सीडीपीओ सुरभि सक्सेना का कहना है कि कार्यकर्ता की मौत की जानकारी उन्हें मिली है। एसआईआर फॉर्म भरने की कोई लिखित ड्यूटी उन्हें नहीं सौंपी गई थी। तारावती की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।