पीलीभीत। पिंक सिटी कॉलोनी को विकसित करने की आड़ में गाटों में किया गया बदलाव पूर्व से ही विवाद की वजह बनता आया है। कई मामलों में पीड़ितों ने न्यायालय की शरण ली तो कई में जांच आज भी लंबित हैं। पूर्व में आरोपियों की ओर से पुलिस पर हमला और राजस्व टीम के सामने मारपीट करने की घटनाएं सामने आती रहीं हैं।
शहर के सिविल लाइन नॉर्थ के अंतर्गत करीब 10 साल पूर्व पिंक सिटी कॉलोनी को विकसित किया गया था। कुछ ही सालों में कॉलोनी का दायरा बढ़ाने के लिए कॉलोनाइजर ने गाटों में हेरफेर कर कब्जे के प्रयास शुरू किए। पीड़ितों को जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध भी किया। शिकायतों के बाद राजस्व और पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच। कई मामले उजागर भी हुए। एक बार प्रशासन की ओर से बुल्डोजर चलाकर कुछ जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया था। कई मामलों में पीड़ितों को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी, जहां कुछ मामले आज भी विचाराधीन हैं। वर्ष 2024 में तो शहर के एक व्यक्ति ने पिंक सिटी कॉलोनी में स्थित अपनी जमीन पर कब्जे का विरोध किया तो आरोपियों ने उसपर जानलेवा हमला कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर भी आरोपी हमलावर हो गए थे। वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
इसके अलावा वाले मियां मजार के निकट भी जमीन पर कब्जे के मामले में आरोपियों ने नाम सामने आए थे। राजस्व टीम के सामने मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में दोनों ओर से क्रॉस रिपोर्ट भी दर्ज की थी। इधर जमीन पर कब्जे के लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद कोतवाली पुलिस ने ठोस कार्रवाई की। डीएम के अनुमोदन के बाद नबी अहमद समेत 10 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई हुई। कार्रवाई के बाद आरोपियों पर खलबली मची हुई है। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना सुनगढ़ी इंस्पेक्टर कर रहे हैं।