पीलीभीत। पूरनपुर में दस वर्ष पूर्व घर में घुसकर वकील खा की हत्या करने और दो अन्य लोगों को घायल करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डुंगराकोटी ने चार सगे भाइयों सहित पांच को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दो अन्य आरोपियों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई गई। जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन कथानक के अनुसार थाना पूरनपुर के ग्राम ग्रनट नंबर 21 उर्फ ढका चांट की शाहबुननिशा ने थाना पूरनपुर में 25 जून 2015 को तहरीर दी। इसमें कहा कि आज से पांच माह पहले गांव के शहीद खा उर्फ शहीदा को वन विभाग की ओर से प्रतिबंधित पशु का वध करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और जेल भेजा था। इस घटना के बाद गांव के ही साजिद, राशिद, आसिफ, वाजिद, खालिद व शहीदा उर्फ शहीद पुत्र साजिद उससे व उसके पति वकील खां से रंजिश मानने लगे कि इन लोगों ने मुखबिरी करके जेल भिजवाया था। 24 जून 2015 को समय करीब छह बजे शहीदा उर्फ शहीद खा आदि दोबारा पड़ोस के ही गन्ने के खेत में प्रतिबंधित पशु काटने की तैयारी कर रहे थे। जानकारी होने पर पति ने विरोध किया, इस बात पर आरोपी शहीदा उर्फ शहीद ने उसके पति वकील खां से मारपीट की। इसके अगले दिन शहीद खां उर्फ शहीदा अपने पुत्र राशिद, आरिफ, शाहिद व वाजिद के साथ एक राय होकर मय लाइसेंसी असलहा व तमंचे लेकर घर में घुस आए और गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। परिजनों ने विरोध किया तो आरोपी उसके पति को खींचकर सड़क पर ले गए और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे।
पति के पेट में गोली लगी, जबकि बचाव में उसके पक्ष के अतीक और मोहम्मद नूर भी गोली लगने से घायल हो गए। परिवार के अन्य लोगों ने किसी तरह छिपकर जान बचाई। पति समेत घायलों को पूरनपुर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने पति को मृत घोषित कर दिया। अन्य को जिला अस्पताल रेफर किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त असलहा बरामद करने के बाद जेल भेजा। विवेचना के दौरान राशिद, वाजिद, शहीदा उर्फ शहीद खान, आरिफ, शाहिद, खालिद, आसिफ को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादनी व घायलों सहित कई गवाह न्यायालय में पेश किए। आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद राशिद, आरिफ, वाजिद, शाहिद खान, शहीदा उर्फ शहीद, खालिद व आसिफ को दोषी पाया। इनमें आरोपी राशिद और शहीदा उर्फ शहीद को 34-34 हजार रुपये अर्थदंड, वाजिद, शाहिद खान, आरिफ को 30-30 हजार रुपये अर्थ दंड सहित आजीवन कारावास जबकि खालिद व आसिफ पर चार- चार हजार रुपये अर्थदंड सहित तीन- तीन वर्ष की सजा से दंडित किया।