पूरनपुर (पीलीभीत)। 20 जनवरी को संदिग्ध मौत पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मृतक की पत्नी उसके ससुर और साले के अलावा चचिया ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव धर्मापुर निवासी रामचंद्र की विधवा सुशीला देवी ने बताया कि उसके पति रेलवे में थे। पति की मौत के बाद चार पुत्रों में सबसे छोटे पुत्र महेंद्र को आश्रित के रूप में नौकरी मिल गई। इससे परिवार को खर्चा चलता था। महेंद्र अपनी पत्नी छाया के साथ पूरनपुर के मोहल्ला साहूकारा में किराए के घर में रहता था। उसके घर उसके ससुर हर प्रसाद, साले सुनील, चचिया ससुर महेश चंद्र का आना जाना था। सुशील का आरोप है कि पुत्र की पत्नी और ससुरालियों ने उसके पुत्र को खर्चा देने से मना किया। खर्चा देना बंद न करने पर उसके पुत्र को 19 जनवरी को जहरीला पदार्थ खिला दिया गया। घटना की जानकारी पर पुत्र के पास पहुंचने पर उसने पत्नी और ससुरालियों पर जहरीला पदार्थ पिलाने की जानकारी दी। इलाज के दौरान अगले दिन उसके पुत्र की मौत हो गई। पुलिस ने पुत्र के शव का पोस्टमार्टम कराया। पुत्र के वियोग में बीमार होने के चलते घटना की तहरीर उस समय नहीं दे पाई। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पुत्रवधू छाया देवी, ससुर हर प्रसाद, साले सुनील, चचिया ससुर महेशचंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।