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बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट

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पीलीभीत। मुफ्त एलईडी लाइट देने के बहाने बायोमेट्रिक मशीन में फीड किए गए फिंगर प्रिंट और आधार कार्ड की फोटो स्टेट की मदद से जालसाजी कर ग्रामीणों के बैंक खातों से रकम उड़ाने के मामले में फजीहत के बाद अफसर संजीदा हुए। एसपी के आदेश पर शुक्रवार को बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की। दो दिन से पुलिस इस मामले को जांच के नाम पर टाल रही थी।
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जहानाबाद थाना क्षेत्र के सेमरखेड़ा गांव निवासी शमशीर अहमद के खाते से 10 हजार, कालीचरन 30 हजार, मोहम्मद शान खां 15021, इदरीश अहमद 28684, माखनलाल 1435, तोताराम 4600, पूरनलाल 15300, मोहम्मद फैजान 1007, बानो बेगम 3000, मोहम्मद इमरान 10000, मुन्नी देवी 2800, अलताफ 10000, नन्हे लाल 1200, नसरीन बेगम 2400, चक कटैइया गांव निवासी अफजाल के खाते से 10000, शाहिद खां 18900 रुपये निकाले गए थे। बुधवार को इसकी जानकारी करने पर पता लगा था कि खाते से रुपये फिंगर प्रिंट का किसी विधि से गलत इस्तेमाल कर निकाले गए। इसकी उसी दिन खाताधारकों ने जहानाबाद थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस जांच के नाम पर टाल गई। साइबर सेल से जांच कराने के बाद कार्रवाई की बात कहकर दो दिन तक दी गई तहरीर को दबा दिया गया।
अमर उजाला ने तीन जनवरी के अंक में पुलिस इस लापरवाही को उजागर करते हुए रिपोर्ट लिखने में पहले भी कई दिन लगाए, इन जालसाजों का क्या खाक पता लगाएंगे शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसका एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने संज्ञान लिया और जहानाबाद पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीओ सदर योगेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा डांग-परेवा के प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना में बैंक की भूमिका भी पुलिस पड़ताल कर रही है।
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इस तरह की घटनाएं गंभीर हैं। जहानाबाद में तहरीर के आधार पर एफआईआर करा दी गई है। टीम लगाकर इसकी गहनता से छानबीन कराई जा रही है। सुनगढ़ी में बीते माह दर्ज एफआईआर में भी अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी कर रहे हैं। जालसाजों का पता लगाकर धरपकड़ कराई जाएगी। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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