पीलीभीत। रियल स्टेट कंपनी चला रहे जालसाजों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर शाहजहांपुर के शिक्षक से 2.20 लाख रुपये ठग लिए। समयावधि पूरी होने से पहले ही कंपनी बंद कर भाग गए। पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो धमकी दी। एडीजी बरेली जोन के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने कटरा (शाहजहांपुर) के मोहल्ला कायस्थान निवासी शिक्षक दीनानाथ की ओर से शनिवार रात धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, गाली गलौज और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें सुनगढ़ी क्षेत्र के रुपपुर कमालू गांव निवासी बंटू यादव, भुता (बरेली) के गांव म्यूढ़ीकलां निवासी जावेद अली, चिनौरा बरखेड़ा निवासी हरकेश मौर्य, रुपपुर कृपा गांव निवासी गजेंद्रपाल और देवरनिया (बरेली) के गांव बकैनिया निवासी झुन्नालाल को नामजद किया है।
पीड़ित दीनानाथ ने बताया कि आरोपियों ने आगमेंट साईं समद्ध रियल स्टेट इंडिया लिमिटेड कंपनी खोली थी। इसका हेड ऑफिस टनकपुर हाईवे पर सुनगढ़ी क्षेत्र के छतरी चौराहा पर बनाया था। बताया था कि कंपनी कानपुर से रजिस्टर्ड है। कंपनी के प्रचार-प्रसार के लिए जालसाज उनसे मिले थे। इसमें बताया कि 70 हजार रुपये एक मुश्त जमा करने और पांच हजार की मासिक किश्तें जमा करने पर आठ साल के बाद साढ़े नौ लाख रुपये या फिर 2700 वर्ग गज का प्लाट खाताधारक को कंपनी की तरफ से दिया जाएगा। झांसे में आकर पीड़ित ने 15 अक्तूबर 2013 को 70 हजार रुपये कंपनी में जमा कर दिए। पांच हजार रुपये माह के हिसाब से डेढ़ लाख रुपये की किश्तें जमा करा दीं। उनकी एक ब्रांच बीसलपुर में थी। कुछ दिन बाद जालसाजों ने किश्तें जमा करना बंद कर दिया। शक होने पर जानकारी की गई तो सामने आया कि सभी लोग कंपनी कार्यालय बंद कर चले गए हैं। 25 अप्रैल 2016 को बीसलपुर ब्रांच गए। वहां पर जावेद ने कहा कि 29 अप्रैल 2016 को आकर एक लाख रुपये ले जाना। इसके बाद छतरी चौराहे पर हेड ऑफिस पर आए तो कंपनी के भागने का पता लगा। इसके बाद से जालसाज रुपये वापसी के लिए लगातार टालमटोल करते रहे। पांच माह पूर्व वह जावेद से मिले और रुपये मांगे। जावेद ने गाली गलौज कर धमकाना शुरू कर दिया। एक सप्ताह पूर्व एडीजी से मिलकर पीड़ित ने शिकायत की थी। इसके बाद कार्रवाई हो सकी है।
तीन बार की शिकायत, टरकाती रही शाहजहांपुर पुलिस
ठगी का शिकार होने के बाद शिक्षक को कार्रवाई कराने में पसीने छूट गए। शिक्षक ने जालसाजों की शाहजहांपुर के तिलहर थाने में एक बार नहीं, तीन बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कभी जांच के नाम पर तो कभी घटनास्थल बाहर का होने की बात कहकर उनको टरका दिया गया। वह बीते दिनों एडीजी से मिले, तब जाकर कार्रवाई के आदेश किए जा सके।
एडीजी के आदेश पर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में गहनता से जांच कर साक्ष्य के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश सुनगढ़ी पुलिस को दिए गए हैं। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी