मदरसा में अवैध तरीके से पशुओं की हत्या करने के मामले में आखिरकार टालमटोल के बाद पुलिस ने मदरसा संचालक मौलाना जरताब रजा खां का नाम बतौर आरोपी शामिल कर लिया है। इस मामले में धारा 429 और 120 बी की बढ़ोत्तरी भी की गई है। हालांकि धाराएं सात साल से कम सजा वाली होने के कारण गिरफ्तारी को लेकर मदरसा संचालक को कुछ राहत मिली है।
कोतवाली पुलिस ने सूचना के आधार पर मोहल्ला भूरे खां के एक मदरसे में छापा मारा था। वहां अवैध तरीके से पशुओं की हत्या करते दो लोग मौके से पकड़े गए थे। उनको रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने थाने से जमानत देकर छोड़ दिया था। दरोगा की ओर से कार्रवाई को दी गई तहरीर में मदरसा संचालक द्वारा पशु कटवाने की बात साफ तौर पर कही गई थी। इसके बावजूद मदरसा संचालक को आरोपी नहीं बनाया गया था। मदरसा संचालक ने खुद को सही बताते हुए सिस्टम पर सवाल खड़े किए थे। हिंदू संगठनों ने मदरसा संचालक पर कार्रवाई की मांग की तो अधिकारी विधिक राय लेने में जुट गए थे। अब इस मामले में बुधवार को कार्रवाई को गति दी गई है। अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने मदरसा संचालक का नाम आरोपी के तौर पर शामिल कर लिया है। धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
वाहवाही तो मिली नहीं, लापरवाही में हो गए तलब
मदरसा में पशुओं की हत्या पकड़ने को लेकर कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। कोतवाली पुलिस शुरुआत से मदरसा संचालक को आरोपी बनाने की बात कह रही थी, लेकिन बाद में अधिकारियों के मंथन के बाद नाम बचाया गया था। अब इस मामले में फजीहत हुई तो इसका ठींकरा भी कोतवाली पुलिस पर फोड़ा गया है। अधिकारियों ने इस मामले में कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी और सीसीटीएनएस के ऑपरेटर का जवाब तलब किया है।
मदरसा संचालक का नाम एफआईआर में शामिल कर लिया गया है। धाराएं भी बढ़ा दी गई हैं। फर्द में दरोगा की तरफ से नाम दिए जाने के बाद भी आरोपी न बनाने पर कोतवाल और सीसीटीएनएस के ऑपरेटर का जवाब तलब किया गया है। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी