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ताबड़तोड़ दबिशों के बाद 10 गोमांस तस्कर गिरफ्तार, भेजा जेल

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बरखेड़ा/बीसलपुर (पीलीभीत)। तीन गांवों में गन्ने के चार खेतों में 11 गोवंशीय पशुओं की हत्या के मामले में दूसरे दिन पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर 10 गोमांस तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शाहजहांपुर के शातिर तस्कर रबिया समेत कुछ अन्य अब भी हाथ नहीं आ सके हैं।
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बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के टेढ़ा लेखराज, बरखेड़ा थाना क्षेत्र के डंडिया भगत और भगवंतापुर गांव में यह मामला हुआ था। शनिवार सुबह खेतों में 11 गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बड़े पैमाने पर हुई गोहत्या के बाद अधिकारियों ने बीसलपुर और बरखेड़ा पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बीसलपुर पुलिस ने दरोगा ऋषिपाल की ओर से मोहल्ला ग्यासपुर निवासी शानू, सलीम, तस्लीम, इकबाल, अजीज, अइया, सगीर, मीरपुर वाहनपुर गांव निवासी सलीम, शाहिद और डंडिया भगत गांव निवासी कृष्णपाल के खिलाफ गोहत्या निवारण अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज की। इनमें से अजीज, अइया और सगीर को छोड़कर अन्य सात तस्करों की रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गोहत्या से जुड़े औजार भी बरामद किए। उधर, बरखेड़ा पुलिस ने चार नामजद और अज्ञात के खिलाफ गोहत्या निवारण अधिनियम की एफआईआर दर्ज की थी। एसआई उस्मान खां ने दौलतपुर मार्ग पर लखनऊ कलां तिराहे से एक नामजद समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें डंडिया भगत गांव निवासी खलील, दौलतपुर गांव निवासी केसर अली और रहीसुद्दीन शामिल हैं। इन तीनों से पशुहत्या में इस्तेमाल औजार मिल गए। सभी का पूछताछ के बाद चालान कर जेल भेज दिया।
वहीं बरखेड़ा में दर्ज गोहत्या निवारण अधिनियम की रिपोर्ट में तीन तस्करों की गिरफ्तारी के बाद अब भी तालगांव निगोही(शाहजहांपुर) के निवासी रबि उर्फ रबिया, खमरिया बरखेड़ा निवासी हनीफ, जावेद और रबिया गैंग के अन्य सदस्य पकड़ में नहीं आ सके हैं।
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प्रधान के पति को पकड़ लाई पुलिस, विरोध पर छोड़ना पड़ा
पीलीभीत। गोहत्या की घटनाओं को लेकर डंडिया भगत के प्रधान ने बरखेड़ा पुलिस पर खुद को बचाने के लिए बेगुनाहों को फंसाने का आरोप लगाया है। इस आरोप में कितना दम है यह तो पता नहीं, मगर एक दूसरे गांव की जिस प्रधान के पति को पुलिस पकड़ लाई थी, समर्थकों के हंगामा करने पर छोड़ना पड़ा। बाद में पुलिस ने खुद कहा कि उसकी संलिप्तता नहीं थी।
बीसलपुर पुलिस ने शनिवार रात को गोमांस तस्करों की धरपकड़ के कई दबिशें दी थी। करीब 20 लोग पकड़े गए। इसमें एक प्रधानपति भी था। रविवार सुबह प्रधान पति के पक्ष में ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और विरोध जताया तो पुलिस को बैकफुट पर आने में देर न लगी। चंद मिनट में ही प्रधान पति को छोड़ दिया गया। वहीं रविवार दोपहर डंडिया भगत गांव के प्रधान रामरतन ग्रामीणों संग बरखेड़ा थाने पहुंचे। उन्होंने डंडिया भगत से पकड़े गए आरोपियों को बेगुनाह बताया। कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने खुद को बचाने के लिए बेगुनाहों को फंसाने का काम किया है। इसकी शिकायत आला अधिकारियों से मिलकर करने की बात कही।
कोतवाल को तस्करों के नाम तक नहीं पता
प्रेस कांफ्रेंस में सीओ प्रवीण मलिक बीसलपुर में दर्ज एफआईआर में नामजद 10 में से सात तस्करों की गिरफ्तारी का दावा कर पीठ थपथपाते रहे। वहीं मीडिया के पूछने पर बीसलपुर कोतवाल मनीराम सिंह पकड़े गए और भागे हुए तस्करों के नाम नहीं बता पाए। वह मुंशी के पास रिकार्ड होने की बात कहकर बचते रहे। बाद में कहा कि डायरी में नोट हैं और डायरी गाड़ी में छूट गई है।
बीसलपुर में नामजद 10 में सात तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। अभी उनसे पूछताछ की जा रही है। बरखेड़ा से भी तीन गोमांस तस्कर जेल भेजे हैं। प्रधान गलत कह रहे हैं, पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद ही गिरफ्तारी की है। - प्रवीण मलिक, सीओ
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