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जिनके नाम जमीन ही नहीं वे किसान बनकर धान बेचते पकड़े

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जहानाबाद (पीलीभीत)। धान खरीद पर इस बार गड़बड़झाला न हो इसलिए डीएम खुद क्रय केंद्रों पर पैनी निगाह रखे हुए थे और कई क्रय केंद्रो पर गड़बड़ी पकड़ में आने पर कई केंद्र प्रभारियों पर रिपोर्ट भी दर्ज हुई, लेकिन बिचौलियों और केंद्र प्रभारियों के मजबूत गठजोड़ की वजह से गोलमाल रुक नहीं पाया।
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इस पर डीएम ने ऐसे लोगों का सत्यापन करने के आदेश दिए जिन्होंने सौ क्विंटल से ज्यादा धान क्रय केंद्रों पर बेचा था। इस दौरान अड़ौली गांव में चार ऐसे लोग पकड़ में आए, जिनके नाम एक बीघा जमीन तक नहीं है और उन्होंने सौ क्विंटल से अधिक धान क्रय केंद्र पर बेचा है। सत्यापन में पता चला जिस जमीन को अपनी दर्शाकर उन्होंने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था वह किसी और के नाम दर्ज है। गोलमाल पकड़े जाने के बाद राजस्व निरीक्षक की ओर से चारों आरोपियों के खिलाफ जहानाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू होने के बाद 31 जनवरी 2021 तक चलनी है। हालांकि अधिकतर किसान धान बेच चुके हैं। शुरुआत से ही धान खरीद में गड़बड़ियों शिकायत मिलने पर डीएम पुलकित खरे ने खुद निगरानी में लगे थे। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की थी। साथ ही सौ क्विंटल से अधिक धान बेचने वालों का सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए थे। सत्यापन में यह चेक कराया जा रहा था कि जिस जमीन पर धान उगाने के बाद बेचने की बात कही गई है। उस पर धान लगाया भी गया था या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि केंद्र पर धान भी बिक जाए और खेत पर गन्ना या फिर अन्य कोई फसल लगी हो, इसका मकसद बिचौलियों पर शिकंजा कसना था। इसी के तहत धान बेचने वाले अड़ौली गांव के चार किसानों की पोल सत्यापन में खुल गई। इस मामले में अमरिया तहसील के राजस्व निरीक्षक अजय कुमार ने जहानाबाद थाने में तहरीर दी। इसमें बताया कि अड़ौली गांव निवासी पोशाकी लाल ने 132 क्विंटल, लालता प्रसाद ने 279 क्विंटल, लालाराम ने 322 क्विंटल और दयाकिशोर ने 164 क्विंटल धान पंजीकरण कराने के बाद क्रय केंद्र पर बेचा था। डीएम के निर्देश पर 100 क्विंटल से अधिक धान बेचने वालों की जांच करने के निर्देश पूर्व में दिए गए थे। इसी के तहत चारों का सत्यापन किया गया तो अपनी दर्शाई गई जमीन दूसरों के नाम पर निकली। धोखाधड़ी करते हुए क्रय केंद्र पर धान बेचने की बात सामने आई। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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