पीलीभीत। पशु तस्करों की कार पलटने के मामले में एसपी को पुलिस कर्मियों पर शक है। कार पलटने के बावजूद तस्कर आसानी से भाग निकले। फिर घटना की जानकारी भी अफसरों को गांव वालों से ही मिली। यही नहीं अब तक तस्करों का पता भी नहीं लगाया जा सका। न ही घटना से पहले रास्ते में उन्हें चेक किया गया। एसपी ने बीट ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को लेकर जवाब तलब किया है।
रिछा रोड पर जहानाबाद क्षेत्र के कंजानाथ पट्टी गांव के पास रविवार तड़के पशु तस्करों की सेंट्रो कार अनियंत्रित होकर पलट गई थी। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर पुलिस ने पहुंचकर जब उसे चेक किया तो कार से तीन मृत गोवंशीय पशु बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शवों को दफन करवा दिया था। पुलिस ने खानापूरी के तौर पर एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन तस्करों का पता नहीं लगा सकी। इसमें एसपी को थाना पुलिस की कार्यशैली पर संदेह है। खासतौर से उस समय बीट में ड्यूटी करने वाले सिपाहियों पर। इसकी वजह यह है कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर यूपी 112 और थाना पुलिस के सिपाहियों की तैनाती रहती है। ऐसे में तस्करों के निकलते समय पुलिसकर्मियों की ओर से कितनी गंभीरता से ड्यूटी का निर्वहन किया गया, इसका पता लगाने के लिए उनसे जवाब तलब किया गया है।
एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि पशु तस्करी और गोहत्या के मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। तस्करों की तलाश कर जल्द गिरफ्तारी के निर्देश इंस्पेक्टर जहानाबाद को दिए गए हैं। पुलिस की किसी स्तर पर हुई लापरवाही या मिलीभगत की भी गंभीरता से पड़ताल कराई जा रही है। अगर किसी पुलिस कर्मी की तस्करों से मिली भगत निकली तो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।