किसान बेनीराम, जिसकी मूंछ मुंड़वाई गईं।
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पूरनपुर (पीलीभीत)। चकरोड पर नाली खड़ंजा निर्माण कराने के विवाद में दस दिन पहले जांच को गए एसडीएम चंद्रभानु सिंह चंदोखा गांव से जिस किसान बेनीराम को उठा ले गए थे, उसकी मूंछ मुंड़वाने का मामला सामने आया है। बुधवार को मेसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पहले से तहसील पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन कार्यकताओं ने हंगामा किया। एसडीएम ने आरोप को निराधार बताते हुए इसे दबाव बनाने की कोशिश बताया है।
गांव चंदोखा में चकरोड पर सड़क और नाली निर्माण न करवाकर किसान के घरों को तोड़कर नाली बनाने का विवाद था। भाकियू ने इस पर मंगलवार को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू किया। बुधवार को किसी ने सोशल मीडिया पर मेसेज वायरल कर दिया कि विवाद सुलझाने गांव गए एसडीएम ने किसान बेनीराम की मूंछें उखाड़ लीं। इस पर भाकियू नेता वहीं एसडीएम पर भड़क गए।
किसान बोला-नाई की दुकान पर ले जाकर मुंड़वाईं मूंछें
किसान बेनीराम का कहना है कि एसडीएम उन्हें उठाकर घुंघचाई पुलिस चौकी ले गए। वहां लात-घूंसे से पीटा। इसके बाद एक पुलिसकर्मी को बुलाकर नाई की दुकान भेजा जहां उनकी उस्तरे से मूंछ मुंड़वाकर उन्हें छोड़ दिया गया। पैदल घर जाते समय पीछे से फिर पुलिस की गाड़ी आ गई और कोतवाली ले गई। वहां रातभर रखने के बाद सुबह छोड़ा। मेसेज वायरल होने के दिन बुधवार को उनके चेहरे पर नजर आ रही मूंछ के बारे में पूछने पर कहा कि पहले उनकी मूंछ काफी बड़ी थी। दस दिन में बाल इतने बढ़ पाए हैं।