फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही छिपाने को मुंशी और होमगार्ड ने रची झूठी कहानी

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। मादक पदार्थ तस्कर बाबू उर्फ गइया वाला के सुनगढ़ी थाने से फरार होने के मामले में मुंशी और पहरा ड्यूटी पर लगाए गए होमगार्ड का झूठ सामने आया है। दोनों ड्यूटी के दौरान सो गए थे और इन्हें शातिर तस्कर बाबू के फरार होने तब पता लगा, जब एक महिला सिपाही ने पहुंचकर उनको जगाया। तस्कर के फरार होने के बाद हुई जांच-पड़ताल में ये बात निकलकर सामने आई है।
विज्ञापन

एसपी की स्वाट टीम ने शुक्रवार दोपहर को मोहल्ला मदीनाशाह निवासी बाबू ऊर्फ गइया वाला को चरस के साथ पकड़ा था। कानूनी कार्रवाई के लिए वह उसको सुनगढ़ी पुलिस को सुपुर्द कर गए थे। थाना पुलिस ने बाबू को जेल भेजने के लिए लिखापढ़ी नहीं की। उसको हवालात में रखने के बजाय कार्यालय में बैठाए रखा। नतीजतन वह पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। ड्यूटी पर तैनात मुंशी रविंद्र और पहरा ड्यूटी होमगार्ड ने शनिवार सुबह उसके भागने का पता लगने पर बताया कि मुंशी के शौच को जाने के बाद वह भाग गया। एसपी ने मामले में मुंशी और रात्रि ड्यूटी पर तैनात दरोगा हरवंश कुमार को निलंबित कर दिया था। अब इस मामले की पड़ताल के दौरान ये कहानी झूठ साबित हुई। सुनगढ़ी थाना के सामने एक होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की गई। इसमें सुबह पांच से छह बजे के बीच बाबू नहीं दिख रहा है। इसके बाद पड़ताल तेज की गई तो सामने आ रहा है कि मुंशी और होमगार्ड सो गए थे। शनिवार सुबह छह बजे एक महिला सिपाही ने उनको जगाया, इसके बाद उनको पता लगा कि बाबू भाग गया है। वह थाने से सुबह भागा या फिर रात में, इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उधर, पता यह चला है कि रात्रि की ड्यूटी करने वाले दरोगा हरवंश कुमार भी ड्यूटी का समय सुबह आठ बजे खत्म होने से पहले ही थाना छोड़कर निकल गए थे।

धरपकड़ को बनी तीन टीम, सिफारिश करने वालों को कसा
थाना सुनगढ़ी से फरार चरस तस्कर बाबू की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सर्विलांस और स्वाट टीम के अलावा, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर, एसएसआई की अगुवाई में टीम बनाई गई है। उसके परिवार वाले और रिश्तेदारों से भी पुलिस संपर्क कर रही है। बाबू की लोकेशन का पता करने का प्रयास किया जा रहा है। बाबू की सिफारिश करने थाना सुनगढ़ी पहुंचने वालों पर भी सुनगढ़ी पुलिस ने निगाह साधी है। दोनों सिफारिश करने वालों को बुलाकर पुलिस ने दबाव बनाया और बाबू के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन


एएसपी बनाए गए जांच अधिकारी
निलंबित दरोगा, मुंशी समेत चार पुलिसकर्मियों की एसपी ने विभागीय जांच के आदेश किए थे। ये विभागीय जांच एएसपी रोहित मिश्र को दी गई है। अब वह पता लगाएंगे कि बाबू के भागने में पुलिस की कहां-कहां लापरवाही रही। इस बात पर भी फोकस रहेगा कि बाबू को भगाया तो नहीं गया। इसके अलावा घटना की रात 12 से तीन बजे तक और फिर तीन से छह बजे तक पहरा देने वाले कर्मियों से भी अलग-अलग पूछताछ की जाएगी।

पुलिस को भी अंदेशा, कोई तो है मददगार
बाबू के थाने से भागने के बाद भले ही पुलिस की लापरवाही पर अफसर नाराजगी जता रहे हैं, लेकिन कहीं न कहीं सेटिंग कर भगाने की चर्चाएं भी तेज हैं। यह बात बाबू के कुछ पुलिसकर्मियों से रिश्तों को जोड़कर कही जा रही है। अब पुलिस विभाग में भी इसकी चर्चा होने लगी है। अधिकारी से लेकर सिपाही तक इसको खुलकर स्वीकार नहीं कर रहा, लेकिन इनकार भी नहीं कर रहा है। बाबू एक शातिर अपराधी है। लंबे समय से तस्करी से जुड़ा है। वह थाने से भागकर खुद की मुसीबत बढ़ाने की भूल नहीं करेगा। इसमें जरूर कोई न कोई उसका मददगार है। विभाग में इसकी चर्चा है।
मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित कर चार की जांच के आदेश दिए गए हैं। फरार तस्कर की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई हैं। उसको जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हर बिंदु पर जांच-पड़ताल कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - रोहित मिश्र, एएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें