यूपी डास्प की ओर से आयोजित किसान मेला एवं कृषि गोष्ठी में किसानों को खेती की आधुनिक जानकारी के साथ कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों से दहलनी फसलों का उत्पादन करने का आहवान किया।
ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज मैदान पर हुए किसान मेला एवं गोष्ठी का आयोजन लखनऊ से आए यूपी डास्प के तकनीकि समन्वयक डॉ. विमल कुमार चंदेल एवं मेरठ से आए कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनिल कटियार ने दी जलाकर किया। डॉ. चंदेल ने कहा कि देश की आजादी के बाद से खेती में लगातार बदलाव हो रहे हैं। बढ़ती आबादी के अनुपात में खाद्यान्न उत्पादन करने का दवाब वैज्ञानिकों के साथ किसानों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में आधुनिक कृषि यंत्रों व विधियों को अपनाकर खेती को उन्नतशील बनाने की जरूरत है। चौधरी चरण कृषि विश्वविद्यालय मेरठ से आए वैज्ञानिक डॉ. अनिल कटियार ने किसानों व कृषि के छात्रों को मृदा परीक्षण के लाभ उसका तरीका, सिंचाई की आवश्यकता और उसके तरीके समझाए। उन्होंने कहा कि पीलीभीत की जमीन में जिंक की सर्वाधिक कमी हैं साथ ही फंफुद की समस्या अहम है। ऐसे में किसानों को जिंक व पोटाश का प्रयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने पेड़ों के सूखने की बीमारी का जिक्र करते हुए उसके रोकथाम के उपाय बताए। विशिष्ट अतिथि परियोजना निदेशक आरबी भास्कर ने किसानों को खेती में और बेहतर करने का आहवान किया। डॉ. एनसी त्रिपाठी व डॉ. फैज मोहसिन ने भी पापुलर व दहलनी खेती की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डास्प के जिला समन्वयक डॉ. विवेकानंद ने किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने विभाग से चयनित 109 लाभार्थियों को कृषि यंत्र जिसमें लेजर लैंड लेवलर, पॉवर वीडर, पॉवर टिलर, प्रेशर हैरो, मल्ट्री क्राप थ्रेशर आदि शामिल हैं वितरित किए। यहां राम प्रसाद, हरिओम, हिमांशु कटियार, वचस्पति आर्य, इकबाल सिंह, अंकित गुप्ता, आशीष अग्रवाल, मानिक मित्तल सहित कई लोग थे।