विनियम क्षेत्र प्राधिकारी ने जारी किए नोटिस, अतिक्रमण हटाने के लिए गठित हुई टीम
पीलीभीत। शहर में बिना लाइसेंस संचालित व्यावसायिक गतिविधियों, जर्जर भवनों और बढ़ते अतिक्रमण पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विनियम क्षेत्र प्राधिकारी नियंत्रक की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आवासीय भवनों और भूखंडों में नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। बिना लाइसेंस व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने शहर के ऐसे भवनों को भी चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जो जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। इन भवनों का सर्वे कर उन्हें असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी ताकि जनहानि की आशंका को रोका जा सके।
सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग के जर्जर भवनों को भी चिह्नित किया जा रहा है। तकनीकी जांच के बाद खतरनाक घोषित होने वाले भवनों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवाद
उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। उल्लेखनीय है कि जर्जर भवनों और उनमें संचालित गतिविधियों को लेकर बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी एजेंसी की खबर अखबार में प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभागों ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब नगर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।
इसके साथ ही शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने तीन विभागों नगर पालिका, पुलिस और तहसील की अलग से टीम गठित कर दी है। यह टीम मुख्य बाजारों, सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाएगी। सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण, फुटपाथ पर अवैध कब्जे और यातायात बाधित करने वाले निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।