पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अर्चना गुप्ता ने दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष कैद की सजा व 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। इसके अलावा पांच आरोपियों को 4500-4500 रुपये अर्थदंड सहित दो- दो वर्ष की सजा से दंडित किया है।
थाना सुनगढ़ी के एक गांव के युवक ने 4 जून 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि उसकी बहन दिन मे 2:30 बजे शौच को खेत मे गई थी। तभी गांव के काशीराम ने गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया । शोर पर ताऊ का लड़का पहुंच गया, जिस पर काशीराम भाग गया। जानकारी पर जब परिजन काशीराम के घर शिकायत करने को गए तो संतराम, जोगराज, पूरन लाल, राधे श्याम, भोजराज तमंचे व लाठी डंडे लेकर आ गए और मारपीट करते हुए कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कई गवाह पेश किए। वहीं आरोपियों ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए काशीराम को दस वर्ष व शेष आरोपियों को मारपीट व धमकी देने के जुर्म में दो-दो साल कैद की सजा से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक कुश कुमार वर्मा ने की ।