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किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की कैद, जुर्माना

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पीलीभीत। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम विवेक कुमार ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी थाना जहानाबाद के एक गांव निवासी देवेश कुमार पुत्र प्रहलाद को दोषी पाकर 20 वर्ष कठोर कारावास और 2.21 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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थाना जहानाबाद में तीन साल पहले रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आठ मार्च 2018 को दोपहर एक बजे किशोरी (17 वर्ष) गांव के बाहर बाग में गई थी। वहां पर पहले से मौजूद आरोपी देवेश ने उसे पकड़ लिया और दुष्कर्म किया। पीड़िता के शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। धमकियों से घबराकर नाबालिग ने परिवार वालों को जानकारी नहीं दी। घटना के डेढ़ माह बाद किशोरी की तबीयत खराब होने पर उसने मां को पूरी बात बताई। मां ने 25 अप्रैल 2018 को आरोपी देवेश से शिकायत की तो वह गाली गलौज करने लगा। पीड़िता को अगवा करने की भी धमकी दी। जहानाबाद पुलिस ने दो मई 2018 को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजीव राजपूत ने अपने केस को साबित करने के लिए आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए। दुष्कर्म की डीएनए रिपोर्ट से भी पुष्टि हुई। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2.21 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पीड़िता ने नौ माह बाद दिया था बेटे को जन्म
तीन साल पुराने दुष्कर्म के मामले में सुनवाई के बाद किशोरी के गुनाहगार को 20 साल की कैद और जुर्माना से दंडित किया गया है। पूरे मामले में डीएनए रिपोर्ट अहम साक्ष्य बनी, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि कर दी थी। पीड़ित ने नौ माह बाद बेटे को जन्म दिया था।
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किशोरी ने घटना की जानकारी पहले परिवार वालों को नहीं दी थी। वह डरी सहमी रहने लगी थी। करीब डेढ़ महीने बाद उसकी तबीयत खराब हुई। तब वह गर्भवती हो गई थी। इसका पता लगते ही उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद वह आरोपी देवेश के घर पहुंची और बातचीत करना चाही। मगर उसने धमकाना शुरू कर दिया था। इसके बाद जहानाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। नौ माह बाद किशोरी ने जिला अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया था। सैंपल लेकर डीएनए जांच को भी भेजा गया था। डीएनए परीक्षण रिपोर्ट मिलने पर साफ तौर पर दुष्कर्म की पुष्टि हो गई थी। उसमें स्पष्ट किया गया था कि बच्चे का पिता आरोपी देवेश ही है। डीएनए परीक्षण रिपोर्ट पूरे मामले में अहम साक्ष्य बना। अब दरिंदे को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा 2.21 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विवेक कुमार ने किए गए आदेश में स्पष्ट किया है कि अर्थदंड से डेढ़ लाख रुपये की धनराशि पीड़िता के पुत्र के भविष्य के लिए उत्तम शिक्षा के लिए देय रहेगी।
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