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आत्महत्या के लिए उकसाने परतीन आरोपियों को कैद

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पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र मोहन सहाय ने विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी पाते हुए पति, सास एवं ससुर को सात-सात वर्ष कैद और प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन कथानक के अनुसार थाना पूरनपुर के मोहल्ला हबीबगंज गौंटिया के ख्यालीराम ने एसपी को इस आशय का प्रार्थनापत्र दिया कि उसने पुत्री राजकुमारी का विवाह घटना से करीब चार वर्ष पूर्व सिमराया ताल्लुके घुंघचाई थाना पूरनपुर के नरेश कुमार के पुत्र शिव कुमार के साथ किया था। विवाह के छह माह बाद से ही पति एवं सभी ससुराली जनों ने राजकुमारी का दहेज के लिए उत्पीड़न शुरू कर दिया। आरोप है कि एक दिन पति शिव कुमार, ससुर नरेश चंद्र उर्फ नरेश कुमार एवं सास विमला देवी ने उसे जान से मारने की नीयत से घर में फांसीे के फंदे पर लटका दिया। शोर मचाने पर गांव वालों ने बचाया। इसके बाद होली के मौके पर उसे घर से निकाल दिया। ससुराल वालों के कहने पर ख्यालीराम पुत्री राजकुमारी को 17 अप्रैल, 2017 को शाम के समय उसकी ससुराल सिमराया पहुंचा आया। 18 अप्रैल, 2017 को सुबह सात बजे एक व्यक्ति ने ख्यालीराम को सूचना दी कि उसकी पुत्री को ससुराल वालों ने फंदे से लटकाकर मार दिया है। जब वह बेटी की ससुराल पहुंचा तो रस्सी के फंदे से उसकी लाश लटकी हुई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने शिवकुमार, नरेशचंद्र उर्फ नरेश कुमार एवं विमला देवी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र मोहन सहाय ने मुकदमे की सुनवाई के बाद शिव कुमार, नरेश चंद्र उर्फ नरेश कुमार एवं विमला देवी को राजकुमारी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। राज्य सरकार की ओर से पैरवी नामित अधिवक्ता नंदन बाबू ने की।
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