हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति को जिले की पहचान बांसुरी भेंट करते जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष
पीलीभीत। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जनपद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला ने मंगलवार को जिला अदालतों का निरीक्षण किया। उन्होंने वादकारियों से उनकी समस्याओं को जाना। देर शाम लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना, निस्तारण का आश्वासन दिया। न्यायिक अधिकारियों ने भी न्यायमूर्ति से भेंट की। जिला संयुक्त बार एसोसिएशन की ओर से न्यायमूर्ति को पीलीभीत की पहचान बांसुरी भेंट की गई।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला मंगलवार सुबह जिला जजी परिसर पहुंचे। उन्होंने न्यायालयों में जाकर मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया और स्थिति जानी। उन्होंने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुराने मुकदमों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। अधिकारियाें से अधिक से अधिक मुकदमों का निस्तारण की अपेक्षा की। इससे वादकारियों को समय पर सस्ता और सुलभ न्याय मिल सके। जनपद में पहुंचने पर उन्हें गॉर्ड ऑफ आनर दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार, अपर जिला जज विजय कुमार डुंगरा कोटी, स्पेशल जज टीएन पासवान, अपर जिला जज महेशानंद झा, परिवार न्यायालय में अपर प्रधान न्यायाधीश स्वेता दीक्षित, मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट मंगल देव सिंह, अपर मुख्य न्याययिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल, एसीजीएम सतीश कुमार, सिविल जज आनंद कुमार आदि ने न्यायमूर्ति का स्वागत किया। अधिवक्ताओं ने जजी परिसर में पहले से ही प्रस्तावित चैंबरों का शीघ्र निर्माण कराए जाने की मांग रखी। इस पर न्यायमूर्ति ने समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र, महा सचिव आनंद मिश्र ने न्यायमूर्ति को पीलीभीत की पहचान बांसुरी भेंट की। इससे पूर्व न्यायालयों का निरीक्षण करने के बाद शाम को न्यायमूर्ति टाइगर रिजर्व पहुंचे। जहां उन्हें बाघ का भी दीदार हुआ।