पीलीभीत। पुश्तैनी जमीन एक बेटे के नाम कर देने की आशंका में वृद्ध की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में सत्र न्यायालय से बरी हो गए। साथ ही अभियोजन के विपरीत साक्ष्य देने पर कोर्ट ने वादी के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
अभियोजन के मुताबिक थाना पूरनपुर के ग्राम शिममुआ निवासी सतनाम सिंह ने 21 फरवरी 2018 को थाना पूरनपुर में तहरीर देकर कहा कि उसके पिता चंचल सिंह घर से करीब तीन बजे दोपहर बाद पुल की तरफ जाने की बात कह कर गए। उसी समय उसके बड़े भाई अनूप सिंह के बेटे बलजिंद्र सिंह व देवेंद्र सिंह अपनी मोटर साइकिल से पिता के पीछे चल दिए। बलजिंद्र सिंह के हाथ में दो गड़ासे थे। दोनों भाइयों ने उसके पिता को जबरदस्ती मोटर साइकिल पर बैठा लिया। उसे शक हुआ तो वह भी चुपके से पीछा करने लगा। 4:30 बजे शाम को पूरनपुर-कुरैइया डामर मार्ग पर बलजिंद्र सिंह व देवेंद्र सिंह ने उसके पिता को मोटर साइकिल से गिराकर दोनों भाइयों ने जान से मारने की नीयत से प्रहार करना शुरू कर दिया। वहां उसका सगा भाई चरनजीत सिंह भी दोनों भतीजों के साथ मिलकर पिता को गड़ासों से मारने लगे। वह मोटर साइकिल पटक कर अपने पिता को बचाने के लिए चिल्लाने लगा। उसी समय बलकार सिंह आ गए।
उसने व बलकार सिंह ने उन तीनों का कुछ दूर तक पीछा किया लेकिन वे लोग खेतों के रास्ते से भाग गए। पिता की लाश मौके पर पड़ी है। उसके भाई व भतीजों को शक था कि उसके पिता समस्त जमीन व जायदाद उसके नाम कर देते। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर वाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से वादी सहित कई गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद बलजिंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह व चरनजीत सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के विपरीत साक्ष्य देने पर वादी मुकदमा सतनाम सिंह के विरुद्ध वाद दायर करने का आदेश सुनाया है।