पीलीभीत। कोरोना संक्रमित अमरिया की महिला के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उसके बेटे की भी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब एक बार फिर जांच होगी और तब भी रिपोर्ट निगेटिव आई तो बेटे को भी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। वहीं अन्य चार युवकों की रिपोर्ट में कोरोना का संक्रमण नहीं पाया गया है।
अमरिया में 21 मार्च को 35 यात्रियों का एक जत्था सऊदी अरब से लौटा था। इन सभी की स्क्रीनिंग की गई तो एक महिला और उसके बेटे को कोरोना संदिग्ध मानते हुए उसी रात जिला अस्पताल में आइसोलेट कर दिया गया था। दोनों की जांच रिपोर्ट में कोरोना का संक्रमण पाया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने सजगता बरतते हुए जत्थे में शामिल सभी लोगों को तत्काल क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट कर उनकी निगरानी शुरू कर दी। कोरोनो संक्रमित मां और बेटे के निगरानी में 14 दिन पूरे होने पर चार अप्रैल को दोनों के सैंपल जांच के लिए दोबारा भेजे गए थे। अगले दिन लखनऊ से आई जांच रिपोर्ट में महिला निगेटिव पाई गई थी जबकि उनके पुत्र की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इसके बाद बेटे की फिर से भेजे गए सैंपल की गुरुवार को आई रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि अभी एक बार और जांच कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित युवक समेत दिल्ली से आए चार अन्य युवकों के सैंपल जांच को लखनऊ भेजे थे। चारों युवकों के सैंपल लेने के बाद उन्हें अमरिया सीएचसी में क्वारंटीन किया गया था। गुरुवार को सीएमओ कार्यालय को उनकी भी जांच रिपोर्ट मिल गई, चारों में से किसी में भी कोरोना संक्रमण नहीं पाया गया।
टीम ने उठाए चार संदिग्ध, सैंपल भेजा
पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर शहर की कांशीराम कॉलोनी से दो संदिग्ध युवकों के घर छापा मारकर उनके स्वास्थ्य की जांच की। दोनों का सैंपल लेने के बाद उन्हें उनके घर में ही क्वारंटीन किया गया है। इसके अलावा बरखेड़ा क्षेत्र में भी दो संदिग्ध मिलने पर उनका सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा गया। सीएमओ ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम को भेजा गया था। उनमें खांसी-जुकाम की समस्या मिली।