पीलीभीत। ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव मगरासा के युवक का सैंपल लेकर बरेली के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आईवीआरआई में जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद शासन को स्थानीय अधिकारियों ने जानकारी दे दी है, वहां से मिलने वाले निर्देश के अनुसार ही अगला कदम उठाया जाएगा। हालांकि प्राइवेट लैंब से युवक की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद जो कदम उठाए गए थे, उन्हें एकदम खत्म नहीं किया जाएगा।
बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव मगरासा निवासी युवक की प्राइवेट लैब से कराई गई जांच में तीन मई को करोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद शहर में स्टेडियम रोड उस निजी अस्पताल को बंद करा दिया गया था, जिसमें वह भर्ती रहने के बाद बरेली रेफर किया गया था। प्राइवेट लैब की रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित बताए जाने के बाद युवक को बरेली के एक मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट कर दिया गया था। साथ ही पीलीभीत में सभी जरूरी कदम उठा लिए गए थे, युवक के परिजनों को क्वारंटीन सेंटर ले आया गया था। उधर, मेडिकल कॉलेज में ही युवक का दोबारा सैंपल लेकर क्रॉस चेकिंग के लिए उसे आईवीआरआई भेजा गया। वहां से मंगलवार रात 8:30 बजे मिली रिपोर्ट में युवक को निगेटिव बताया गया। इसकी जानकारी यहां दी गई तो शासन में बता दिया गया। इसके बाद स्थानीय अधिकारी नए निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच पता चला कि यह युवक जिला अस्पताल भी ले जाया गया था, लेकिन वहां कुछ देर रुकने के बाद उसे रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित आने की जानकारी मिलते ही सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने पूरे अस्पताल परिसर को सैनिटाइज कराया। वहीं संक्रमित युवक के 11 परिजनों, 15 पुलिसकर्मी और होमगार्ड और जिला अस्पताल के पांच कर्मचारियों समेत कुल 60 लोगों के सैंपल लखनऊ जांच के लिए भेजे दिए।
अब तक कुल भेजे गए सैंपल-1044
निगेटिव पाए गए सैंपलों की संख्या-853
लंबित सैंपल की संख्या-182