पीलीभीत। तीन दिन पहले लिए गए सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद पावर कॉरपोरेशन के एक ठेकेदारों को इसके बारे में बताया ही नहीं गया। मंगलवार को तबीयत बिगड़ने पर परिवार वाले उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो ट्रूनेट मशीन से जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी गई। इस पर पहले ही जांच होने की बात ठेकेदार ने कही तो तीन दिन पुराने सैंपल की रिपोर्ट तलाशी गई। उसमें ठेकेदारों को संक्रमित देखकर परिवार वाले स्वास्थ्य विभाग के लचर रवैये से खफा हुए और उसे बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए।
शहर के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले ठेकेदार एवं एक व्यापारी संगठन के जिला चेयरमैन को कई दिनों से बुखार और खांसी की दिक्कत थी। कोरोना के शक में उन्होंने 25 जुलाई को अपना और पत्नी का सैंपल कराया। इसके बाद से वह होम क्वारंटीन चल रहे थे। इधर, उनकी लगातार तबीयत बिगड़ती गई। मंगलवार सुबह परिवार वाले ठेकेदार को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने इलाज से पूर्व ट्रूनेट मशीन से टेस्ट कराने की बात कही। ठेकेदार ने बताया कि उनकी सैंपलिंग हाल ही में हो चुकी है, मगर अभी तक रिपोर्ट नहीं बताई गई। ऐसे में परिवार वाले भी गुस्सा गए और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। फिर स्वास्थ्य टीम ने सैंपल की रिपोर्ट तलाशना शुरू किया। इसमें ठेकेदार की रिपोर्ट पॉजिटिव और उसकी पत्नी निगेटिव आई। ये रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग दबाए बैठा था। जांच रिपोर्ट को लेकर लापरवाही सामने आ चुकी थी, ऐसे में परिवार के सदस्यों ने पीलीभीत में इलाज कराने से ही इनकार कर दिया। खुद ही संक्रमित को अपने साथ ले गए और बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
एक्सईन, एसडीओ समेत कई कर्मचारी निकले चुके हैं पॉजिटिव
पावर कॉरपोरेशन में भी कोरोना घुस चुका है। ठेकेदार से पूर्व पूरनपुर के एक्सईन, एसडीओ समेत कई कर्मचारी पॉजिटिव निकल चुके हैं। सोमवार रात पावर कॉरपोरेशन के सात अन्य कर्मचारियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।