पीलीभीत। कोरोना की जांच करा चुके लोगों को अपनी रिपोर्ट के लिए भटकना पड़ रहा है। अभी तक 3500 लोगों की जांच रिपोर्ट बरेली में लंबित हैं। जांच में क्या निकला यह जानने के लिए लोग सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग तेज कर दी है। बाहरी राज्यों से आने वाले यात्री, निजी अस्पतालों में इलाज करने वाले और सरकारी विभागों में कोरोना की रिपोर्ट मांगी जा रही है। पिछले चार दिन के अंदर 12574 लोगों की जांच कर सैंपल बरेली आईवीआरआई लैब परीक्षण को भेजे गए थे। करीब 3500 लोगों की जांच रिपोर्ट अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। रिपोर्ट पाने को लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। शहर के पंजाबियान के एक युवक ने बताया कि चार दिन पहले आरटीपीसीआर से कोरोना की जांच कराई थी, मगर उसे अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। स्वास्थ्य कर्मचारी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे। हालांकि कुछ स्वास्थ्य कर्मियों की मानें तो बरेली में सैंपल की जांच में देरी की जा रही है। इसलिए रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। सैंपल को अधिक दिनों तक रखने से स्लाइड खराब भी हो जाती है। इसलिए शत-प्रतिशत रिपोर्ट भी नहीं मिल पाती। प्रभारी सीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि बरेली लैब में लंबित सैंपल की रिपोर्ट जल्दी भेजने को पत्र भेजा गया है। एक से दो दिन में रिपोर्ट मुहैया हो जाएंगी।
जांच किट के लिए शासन को भेजी डिमांड
रेलवे, रोडवेज के अलावा सार्वजानिक स्थानों पर एंटीजन और आरटीपीसीआर के माध्यम से सैंपलिंग कराई जा रही है। रोजाना करीब 1500 सौ से अधिक आरटीपीसीआर और दो हजार के आसपास एंटीजन किट से जांच की जा रही है। ऐसे में किटों की किल्लत होना शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने एंटीजन किट और आरटीपीसीआर सैंपल के लिए बीटीएम किट की डिमांड शासन को भेजी है। इस पर शासन ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक सप्ताह में जनपद को दस हजार एंटीजन किट और दस हजार बीटीएम मिलेंगी। प्रभारी सीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेेदी ने बताया कि शासन ने प्रत्येक सप्ताह एंटीजन और बीटीएम देने को कहा है। इसकी सप्लाई बरेली मेडिकल कॉरपोरेशन से मिलेगी। आवश्यकतानुसार किटों को मांगा जा रहा है।