पीलीभीत। शहर के मोहल्ला साहूकारा में कोरोना संक्रमित मिले सराफा कारोबारी के माता-पिता भी कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जब उन्हें कोविड अस्पताल ले जाने को घर पहुंची, तो उनकी टीम के सदस्यों से बहस हो गई। कोविड अस्पताल में न भर्ती कराने को लेकर दबाव बनाया जाने लगा। इसी के चलते देर रात तक दोनों कोविड अस्पताल में भर्ती नहीं कराए जा सके।
29 जून को शहर के मोहल्ला साहूकारा निवासी 48 वर्षीय सराफ कोरोना पॉजिटिव निकला था। इसी मोहल्ले का एक राइस मिलर भी पॉजिटिव आया था। दोनों को काफी मशक्कत के बाद कोविड अस्पताल भर्ती किया गया। दोनों के परिवार वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने मेहरबानी दिखाई थी। दोनों के परिवार के सभी सदस्यों को क्वारंटीन सेंटर ले जाने के बजाय घरों पर ही क्वारंटीन किए गए थे। तीन जुलाई को 205 लोगों की जांच रिपोर्ट आई। इसमें संक्रमित सराफा कारोबारी के 78 वर्षीय पिता और 74 वर्षीय मां भी कोरोना पॉजिटिव निकलीं। यह दोनों बेटे के संक्रमित मिलने के बाद होम क्वारंटीन थे। शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों संक्रमितों को कोविड अस्पताल भर्ती कराने को मोहल्ला साहूकारा पहुंची। मगर, उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका। दोनों ने कोविड अस्पताल जाने से मना कर दिया। संक्रमितों और स्वास्थ्य टीम के बीच काफी देर तक बहस हुई। सराफ कारोबारी का परिवार अपने राजनीतिक और अफसरों तक रसूख के चलते टीम पर दबाव बनाने में जुटा रहा।
परिवार के अन्य सदस्य भी संक्रमित माता-पिता के साथ रहे
सराफा कारोबारी के परिवार में उसके माता-पिता कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अन्य सदस्यों के भी संक्रमित होने की आशंका बढ़ गई है क्योंकि घर में सराफ की पत्नी और बच्चे भी होम क्वारंटीन हैं। उस वक्त लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में पत्नी और बच्चे निगेटिव आए थे। मगर, अब माता-पिता के पॉजिटिव आने पर उनकी दोबारा सैंपलिंग हो सकती है। चूंकि क्वारंटीन अवधि में निगेटिव सदस्य भी माता-पिता के संपर्क में आए होंगे। सराफ की ओर से माता-पिता के संपर्क में आने की बात छिपाई गई थी। इसके अलावा राइस मिलर के परिवार वाले भी निगेटिव आए हैं। अभी संपर्क में आने वाले कुछ लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है।
सीएमओ समेत अन्य अफसर छिपाते रहे रिपोर्ट
पहले कोरोना संक्रमित मिलने के बाद परिवार के लोगों को घरों पर ही क्वारंटीन किए जाने में स्वास्थ्य विभाग पर भेदभाव के आरोप लग चुके थे। अब संक्रमित सराफ के माता-पिता के पॉजिटिव आने पर भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली संदेहास्पद रही। पॉजिटिव रिपोर्ट वायरल होने के के बाद भी सीएमओ समेत अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मामला छिपाने का प्रयास करते रहे। दिन भर की चुप्पी के बाद शाम को दबी जुबां से माता-पिता के कोरोना संक्रमित पाए जाने की हामी भरी गई।
संक्रमित के परिवार में दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्हें बरेली के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। परिवार के अन्य लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट की जानकारी देरी से हुई, मामला दबाने की बात नहीं है। - डॉ.सीमा अग्रवाल, सीएमओ, सीएमओ