पीलीभीत। प्राइवेट लैब की जांच में कोरोना संक्रमित पाए गए मगरासा के युवक की दो जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई हैं। वहीं टोडरपुर के कोरोना संक्रमित युवक की एक जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अब उसका दूसरा सैंपल भेजा गया है। अगर टोडरपुर के कोरोना संक्रमित की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आती है तो पीलीभीत जिला ऑरेंज से ग्रीन जोन बन सकता है।
हादसे में घायल हुए ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव मगरासा निवासी युवक की प्राइवेट लैब से कराई गई जांच में उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। घायल हालत में बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान प्राइवेट लैब में सैंपल की जांच में उसे कोरोना संक्रमित बताया गया था। तीन मई की रात को पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद संक्रमित युवक को बरेली के ही मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट कर दिया गया था।
फिर क्रॉस चेक करने के लिए उसका सैंपल आईवीआरआई जांच को भेजा गया था। वहां से पांच मई को आई जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। सीएमओ के मुताबिक इसके बाद एक और सैंपल जांच को भेजा गया, छह मई की रात को आई यह रिपोर्ट भी निगेटिव पाई गई। सीएमओ ने बताया कि अब मगरासा के युवक को कोरोनामुक्त मान लिया गया, मगर वह हादसों में आई चोटों के इलाज के कारण भर्ती रहेगा, उसका एक ऑपरेशन भी होना है।
उधर, इंदौर से आए टोडरपुर गांव निवासी कोरोना संक्रमित युवक की भी बुधवार रात सैंपल रिपोर्ट प्राप्त हो गई, जिसमें वह निगेटिव बताया गया है। इस युवक को 27 अप्रैल को आई रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। अब इस युवक का दूसरा सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। यदि कोरोना संक्रमित युवक की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव पाई जाती है युवक को कोरोना से संक्रमण से मुक्त माना जाएगा। इस तरह पीलीभीत जिला जल्द ऑरेंज से ग्रीन जोन में जा सकता है। इन दो युवकों के अलावा अब तक अमरिया के मां-बेटे ही कोरोना संक्रमित पाए गए थे, ठीक होने के बाद कई दिन पहले ही डिस्चार्ज हो चुके हैं। उसके बाद पीलीभीत जिले को शासन ने कोरोनामुक्त घोषित भी कर दिया था। मगर टोडरपुर के युवक में संक्रमण निकलने के कारण पीलीभीत को ऑरेंज जोन में रखा गया था।
डीजी हेल्थ ने तलब की रिपोर्ट
प्राइवेट लैब की जांच में कोरोना संक्रमित मिले युवक की सभी जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक ने तलब की हैं। प्राइवेट लैब की जांच में युवक कोरोना संक्रमित पाया गया था, जबकि आईवीआरआई में कराई गई दो जांचों में युवक निगेटिव पाया गया है।
जल्द खुल सकता है बंद कराया गया अस्पताल
मगरासा का रहने वाला कोरोना संक्रमित युवक शहर के निजी अस्पताल में भर्ती रहा था। इस पर सीएमओ ने इस अस्पताल को बंद करा दिया था। इस अस्पताल में डाक्टर समेत सभी 29 लोगों के स्टाफ का सैंपल लेने के बाद जांच को भेजा गया था। इन सबको बंद अस्पताल में ही क्वारंटीन किया गया था। युवक की दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन इस अस्पताल के बारे में भी जल्द निर्णय लेगा। फिलहाल अस्पताल में क्वारंटीन सभी 29 लोगों को होम क्वारंटीन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अस्पताल को एक बार और सैनिटाइज किया जाएगा। उसके बाद अस्पताल फिर से बंद कर दिया जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद ही अस्पताल खुलेगा और आम मरीजों को चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराने की अनुमति दी जाएगी।
मगरासा के युवक की 24 घंटे के अंतराल पर आई दो जांचों में रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। फिलहाल युवक अभी अस्पताल में एक अन्य ऑपरेशन के चलते भर्ती रहेगा। टोडरपुर के संक्रमित युवक की भी जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। अब उसका दूसरा सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
मगरासा के युवक की दो जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई हैं। इसके बाद जिला कोरोनामुक्त हो गया है। शासन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद उसी के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम