माधोटांडा। मुुंबई से आए छह प्रवासी मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रसादपुर गांव सील कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने गांव की सीमाएं सील कर बैरियर लगा दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोरोना संक्रमित प्रवासियों के परिवार और उनसे संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करने में जुट गई हैं। गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
कलीनगर क्षेत्र के गांव शाहगढ़, संडई, रानीगंज और प्रसादपुर में 12 प्रवासी मजदूर आठ मई को मुंबई से वापस घर लौटे थे। 12 मई की रात संडई निवासी एक युवक में कोरोना की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया था। प्रवासियों के संपर्क में कुछ अन्य लोगों को भी क्वारंटीन कर दिया था। रविवार सुबह रानीगंज निवासी एक अन्य युवक भी कोरोना संक्रमित पाया गया तो अंदेशा सही निकला। फिर दोपहर बाद माधोटांडा सीएचसी में क्वारंटीन प्रसादपुर के छह और बंगला उर्फ मित्रसेनपुर के एक व्यक्ति में भी कोरोना की पुष्टि हुई।
एक ही दिन में सात कोरोना संक्रमित निकलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जिला अस्पताल से स्वास्थ्य की टीम सीएचसी पहुंची। फिर कोरोना संक्रमित प्रवासियों को शिफ्ट करने पर मंथन चलने लगा। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम प्रसादपुर गांव पहुंची। वहां बैरिकेडिंग कर गांव की सीमाओं को सील कर दिया गया। गांव को सैनिटाइज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीओ पूरनपुर योगेंद्र कुमार ने गांव वालों से घरों में ही रहने की अपील की। प्रसादपुर और बंगला गांव उर्फ मित्रसेनपुर का कंटेन्मेंट जोन बनना लगभग तय है। हालांकि प्रशासन ने रात तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की थी। वहीं सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत कुमार यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमित प्रवासियों को बरेली के कोविड अस्पताल शिफ्ट करने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने का इंतजार है। मगर, तब तक कोरोना संक्रमित प्रवासियों के संपर्क में आए अन्य लोगों को ट्रेस करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन सभी को क्वारंटीन करने के साथ ही सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा।