पीलीभीत। कोरोना संक्रमित युवक मिलने के बाद कंटेन्मेंट जोन बने तीनों गांवों में एक्टिव मामले खोजने के लिए अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत घर-घर जाकर खांसी-बुखार के मरीजों की जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं गांव टोडरपुर और सुंदरपुर में सैनिटाइजेशन का काम मंगलवार शाम को पूरा लिया गया। बुधवार को कंटेन्मेंट बने गांव तनाया को सैनिटाइज किया गया।
कोरोना मुक्त हुए पीलीभीत में तीसरा कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। दोनों ही विभाग अब इस मामले में खासी सक्रियता बरत रहे हैं। कोरोना संक्रमित केस मिलने के बाद प्रशासन के निर्देश पर अमरिया ब्लॉक के गांव टोडरपुर, ललौरीखेड़ा के गांव सुंदरपुर और बिलसंडा ब्लॉक के गांव तनाया को कंटेन्मेंट जोन बनाया गया है। संक्रमित युवक टोडरपुर का रहने वाला है, इंदौर से साथियों संग लौटने पर वहां के ग्रामीणों द्वारा 21 अप्रैल को लौटाए जाने के बाद वह सुंदरपुर गांव के स्कूल में ठहरा था और वहां एक परिचित के घर भी साथियों संग गया था। जबकि संक्रमित युवक का एक साथी तनाया गांव पहुंच गया था। अब इन तीनों गांवों में आने जाने पर पूर्णतया प्रतिबंध है।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने तीनों गांवों को पूरी तरह से सैनिटाइज करने के निर्देश दिए थे। सीडीओ श्रीनिवास मिश्र ने भी तीनों गांवों में साफ सफाई कराने को रोस्टरवार सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई है। इधर कोरोना संक्रमित युवक के गांव टोडरपुर और सुंदरपुर गांव को मंगलवार शाम सैनिटाइज कर दिया गया। बुधवार को गांव तनाया में सैनिटाइजेशन का काम शुरू कराया गया है। सीएमओ ने कंटेन्मेंट जोन वालों गांवों में एक्टिव मामले ढूंढने को अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर खांसी-बुखार के मरीजों की जानकारी लेगी। यदि खांसी-बुखार से कोई ग्रसित पाया जाता है तो इसकी सूचना संबंधित डॉक्टर को देने के साथ सीएमओ कार्यालय को भी दी जाएगी। आशा वर्करों ने गांवों में घर-घर जाकर खांसी-बुखार के पीड़ितों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
कंटेन्मेंट जोन बने तीन गांवों में से दो गांवों में सैनिटाइजेशन का काम पूरा किया जा चुका है। तनाया गांव को सैनिटाइज किया जा रहा है। आशा वर्करों के माध्यम से एक्टिव केस सर्च शुरू किया गया है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ