पीलीभीत। कोरोना की मार का असर गेहूं खरीद पर भी पड़ रहा है। खरीद के बाद गेहूं की लोडिंग करने वाली लेबर संक्रमण की चपेट में आने से डर रहे हैं। गोदाम पर एक अधिकारी की मौत से वहां के स्टाफ में और डर पैदा हो गया है। किसानों का तौल को गया गेहूं क्रय केंद्रों पर स्टाक है। यहीं वजह है कि क्रय केंद्रों से उठान काफी धीमी गति से चला रहा है। क्रय केंद्रों पर 25 हजार टन गेहूं का स्टाक लगा हुआ है।
जनपद में किसानों के समर्थन मूल्य देने के लिए आठ एजेंसियों के 129 सरकारी क्रय केंद्र शुरू किए गए थे। किसानों को सुविधा देने के लिए अधिकारियों ने किसी भी केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए छूट दी थी। इसके रोजाना करीब पांच हजार टन गेहूं की खरीद हो रही थी। इसी बीच कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने तेजी पकड़ ली। सभी इसके कहर से परेशान हो गए है। इसका असर गेहूं खरीद पर भी पड़ रहा है। अधिकारियों भी स्वीकार कर रहे हैैं कि कोरोना संक्रमण के चलते क्रय केंद्रों से गेहूं की लोडिंग करने वाली लेवर घबरा गई है। कम संख्या में काम पर आ रहे है। वहीं ललौरीखेड़ा में एफसीआई गोदाम के एक अधिकारी की कोरोना से मौत हो गई। इसी वजह से क्रय केंद्रों पर गेहूं का उठान रुक गया। हालांकि रोजाना करीब दो सौ से अधिक ट्रकों से उठान कराकर गोदामों भंडारित किया जा रहा है। एक दिन में करीब पांच हजार टन गेहूं की खरीद हो रही है। ललौरीखेड़ा में करीब 100, बरेली में 30, पूरनपुर में 30, बीसलपुर 60 ट्रक रोजाना गेहूं का उतार हो रहा है। हालांकि अभी करीब 25 हजार टन गेहूं क्रय केंद्रों पर लगा है।
कोरोना संक्रमण के भय से लोडिंग करने वाले लोग कम आ रहे है। तभी उठान धीमी गति से हो रहा है। हालांकि रोज की खरीद से ज्यादा गेहूं का उठान हो रहा है। उठान में दिक्कत होने और जरूरत पड़ने पर मंडी के टीनशेड में भंडारित कर दिया जाएगा। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
केंद्र प्रभारी की डीएम से शिकायत
बीसलपुर। गांव खनंका निवासी गुड्डू सिंह ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि नवदिया रोहनिया राजकीय क्रय केंद्रों पर पिछले एक सप्ताह से गेहूं की तौल नहीं हो रही है। केंद्र प्रभारी प्रतिदिन कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देते हैं। इससे किसानों को दिक्कत आ रही है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। संवाद