जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने में करें योगदान
डीएम मासूम अली सरवर ने कहा कि अधिकारी कर्मचारी जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने में अपना योगदान करें। इससे जिले को स्वच्छ बनाने से साथ रोगमुक्त बनाने में भी मदद मिलेगी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत समुदाय संचालित सम्पूर्ण स्वच्छता विधा (सीएलटीएस) विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण जिला प्रशिक्षण केंद्र में शुरू हुआ। इसका शुभारंभ डीएम मासूम अली सरवर ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा के साथ हमें ग्रामीणों की सेवा का अवसर मिला है जो किसी पुण्य कार्य से कम नहीं है। हम सभी को इसे अपनी जिम्मेदारी के साथ कर्तव्य समझाकर करना चाहिए। इससे पूर्व डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने बताया जिले में अभी 72 गांव चिह्नित किए गए हैं जिन्हें खुले में शौच मुक्त कराना है। इस मौके पर सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, जिला प्रशिक्षण अधिकारी रामेश्वर प्रसाद, विश्वबैंक की ओर से आए प्रशिक्षक विवेक गंगवार, ओमप्रकाश मणि, नीर निर्मल ने प्रशिक्षु अधिकारी कर्मचारियों को गांव में पहुंचकर लोगों को प्रेरित करने के तरीके समझाएं ताकि लोग स्वयं इस प्रवृत्ति को छोड़ दें। जिला समन्वयक हेमेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के 60 अधिकारी कर्मचारियों में जिसमें एडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी, पंचायत सफाई कर्मचारी शामिल हैं को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि डीवी सिंह, नेहा सिंह सहित कई अधिकारी कर्मचारी थे।