बारिश के बाद पुलिया का वैकल्पिक रास्ता पानी में डूब गया। निर्माणाधीन क्षेत्र के दो सौ मीटर दायरे में पानी का प्रवाह तेज होने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बरसात के समय निर्माण शुरू करने से सुविधा के बजाय परेशानी बढ़ गई है। दो दिन से मार्ग पर आवागमन ठप है। राहगीर पुलिया तक आकर लौट रहे हैं। बरसात में पुलिया की गुणवत्ता की अनदेखी के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
12 किमी अधिक दूरी तय करने की मजबूरी
सड़ा गांव के निकट पुलिया निर्माण के चलते बनाए गए वैकल्पिक रास्ते के डूबने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। इससे राहगीर कल्याणपुर के पास से असम हाईवे और नहर मार्ग से बनकटी होकर मुख्यालय तक आने के लिए मजबूर हैं। इसके लिए राहगीरों को समय और करीब 12 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है। लोगों में विभाग के प्रति रोष देखा जा रहा है।
रोजाना गुजरते हैं 10 हजार लोग
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर करीब 30 गांवों के 10 हजार लोगों की आवाजाही बनी रहती है। मार्ग की अव्यवस्थाओं का अंबार होने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले से ही परेशानी कम नहीं थी, अब सड़ा गांव के पास पुलिया निर्माण बाधा बनने से परेशानी मुसीबत में बदल गई है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराना चाहिए।