अमरिया क्षेत्र में निर्माणाधीन बरेली-सितारगंज हाईवे संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी पीलीभीत/ अमरिया। जमीनों के अधिग्रहण में हुए खेल के खुलासे के बाद थमे बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण ने फिर तेजी पकड़ी है। जहानाबाद और अमरिया क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क का काम अंतिम चरण में है। हाईवे निर्माण की रफ्तार भले ही तेज है, लेकिन कई किसानों के मुआवजे की फाइल अब तक अफसरों के दफ्तर में ही अटकी है। तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर काटने के बाद भी इन किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। जिन किसानों का वाद चल रहा है, वे अभी विचाराधीन हैं।
बरेली से सितारगंज तक करीब 71 किलोमीटर तक हाईवे का निर्माण हो रहा है। इसमें करीब 30 किमी. हिस्सा पीलीभीत की सदर और अमरिया तहसील क्षेत्र में आता है। हाईवे निर्माण को किसानों की जमीन अधिग्रहण में घोटाले का खेल खेला गया।
अफसरों ने करोड़ों रुपये का गोलमाल किया। खुलासा हुआ तो कई अफसर, अमरिया और सदर तहसील के लेखपाल इसकी जद में आए। लेखपालों पर निलंबन की कार्रवाई हुई। घोटाले का खेल खुलने से हाईवे निर्माण का कार्य कुछ समय के लिए रुक गया। बाद में निर्माण फिर शुरू हुआ। मौजूदा समय में हाईवे निर्माण ने तेजी पकड़ी है। जहानाबाद और अमरिया क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क को बना भी दिया गया है। अन्य स्थानों पर मिट्टी पटान समेत अन्य कार्य हो रहे हैं।
बहाली के लिए चक्कर काट रहे निलंबित लेखपाल ः भूमि अधिग्रहण में घोटाले का खेल सामने आने पर अमरिया तहसील के लेखपाल ज्ञानदीप गंगवार, तेजपाल, मुकेश गंगवार, आलोक कुमार, हुसैन नगर के दिनेश चंद्र व कस्बा अमरिया के विनय कुमार गंगवार को निलंबित कर दिया गया था। जो अब तक बहाल नहीं हुए हैं। निलंबित लेखपाल बहाली के लिए चक्कर काट रहे हैं।
अमरिया क्षेत्र में निर्माणाधीन बरेली-सितारगंज हाईवे संवाद