शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर हुए बवाल के मामले में विरोध मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़े कांग्रेसियों को पुलिस और पीएसी ने बीच रास्ते में रोक लिया। कांग्रेसियों ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इधर, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में तमाम कांग्रेसी नकटादाना चौराहे के समीप एक कॉलोनी में एकत्र हुए। यहां से कांग्रेसी जिलाध्यक्ष अखलाक अंसारी के नेतृत्व में विरोध मार्च के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। इस बीच पुलिस ने कांग्रेसियों को नकटादाना चौराहे पर ही रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। कांग्रेसियों ने कुछ दूर और चलने की अनुमति मांगी। इस पर उन्हें आगे जाने की इजाजत दे दी गई, लेकिन डीएम आवास के समीप पहुंचते ही पुलिस व पीएसी ने कांग्रेसियों को रोक लिया। इस दौरान एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर व सीओ सिटी यशवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। कांग्रेसियों ने राज्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपते हुए गोलीकांड की हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच कराने, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में हनीफ, ठाकुरदास, लईक अहमद, नरेंद्र सिंह, रिजवान मंसूरी, नेमचंद, शब्बीर अहमद, अजीजुल हसन, कांती बहेलिया, रेहाना परवीन, फहीम जावेद आदि शामिल रहे।
इधर, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में लाठी चार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, घायलों को मुआवजा देने, फर्जी मुकदमें वापस लेने, गिरफ्तार किए गए युवक को बिना शर्त रिहा करने, प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने आदि की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में मोहम्मद दानिश खां, समीर अहमद, शावेज अली, शाकिर, मोहम्मद राशिद अंसारी, मोनिका शर्मा, रेहाना, दिलदार अहमद, नदीम, वीरेंद्र रस्तोगी, प्रदीपमिश्रा आदि शामिल रहे।