पूरनपुर की तरह पीलीभीत सहकारी गन्ना समिति में भी अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बुधवार को बोर्ड बैठक के दौरान हुआ हंगामा इसी का हिस्सा बताया जा रहा है। बोर्ड के नाराज सदस्य जल्द ही चेयरपर्सन के अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में हैं। इसके लिए सदस्यों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
पीलीभीत गन्ना सहकारी समिति के गठन के बाद से ही अध्यक्ष के स्थान पर उनके पति के काम करने को लेकर सदस्यों में असंतोष है लेकिन सदस्य किसी तरह बोर्ड को संचालित करते रहे। बोर्ड गठन के बाद हुई पहली बैठक में अध्यक्ष के पति के बैठने पर शुरू हुआ विरोध अब तक थमा नहीं है वहीं अध्यक्ष के पति भी विरोध के बाद भी हक के साथ बैठक में बैठ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के दौरान भी समिति चेयरपर्सन के पति झंडारोहण में स्वयं पहुंच गए जबकि बाकी सदस्यों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई। इन्हीं सब बातों को लेकर सदस्यों के मन में उपजा असंतोष बढ़ने लगा है। बुधवार को यह बड़े हंगामे के रूप में सामने आया। सूत्रों की मानेें तो हंगामे से पूर्व भी कुछ सदस्य पूरनपुर गन्ना समिति की तरह अविश्वास प्रस्ताव पेश करने प्रयास में जुट गए थे, लेकिन पर्याप्त संख्या बल नहीं मिल पा रहा था। बुधवार को हुए हंगामे के बाद स्थिति काफी बदल गई है। अब लगभग आधे से अधिक सदस्य अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए तैयार दिख रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि बोर्ड की बैठक के बाद सदस्यों ने एकजुट होकर हालात पर गुप्त मंत्रणा भी की। निकट भविष्य में पीलीभीत गन्ना समिति अध्यक्ष के खिलाफ भी अविश्वास पेश हो सकता है।