पीलीभीत। पंचायती राज विभाग कार्यालय के स्वच्छ भारत मिशन में तैनात तीन कर्मचारियों पर बीसलपुर के ज्ञान प्रकाश ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र से होने वाले भुगतान में कमीशन के चलते प्रधान व सचिव को भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे ग्राम पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें आरोप लगाया है कि पंचायती राज कार्यालय के स्वच्छ भारत मिशन में तैनात तीन कर्मचारियों की ओर से विकास कार्याें के नाम पर आने वाले रुपये में कमीशन न मिलने पर प्रधान व सचिव का भुगतान रोका जाता है। आरोप है कि तीन कर्मचारियों का निर्धारित वेतन होने के बाद भी उन्होंने कई संपत्तियां बनाईं। संवाद
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डीएम स्तर से तीन सदस्यीय टीम का किया गया गठन
युवक की ओर से की गई शिकायत के बाद डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की ओर से तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें सीडीओ, एडीएम और डीपीआरओ को पूरे मामले की जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता भी एक महिला सचिव का संभाल रहा लेखा-जोखा
पंचायती राज कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की शिकायत करने वाला युवक बीसलपुर का निवासी है। वह मरौरी ब्लॉक की एक महिला सचिव के साथ निजी तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला सचिव के कार्यक्षेत्र के होने वाले भुगतान का लेखा-जोखा रखता है, जबकि यह नियमानुसार गलत बताया जाता है। इसके बाद भी संबंधित सचिव के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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पंचायती राज कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की शिकायत मिली। पूरे मामले में डीएम स्तर से जांच कमेटी गठित की गई है। युवक से भी पूरे मामले की साक्ष्य मांगे गए हैं। साक्ष्य मिलने के बाद संबंधित के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश कुमार मिश्रा, सीडीओ।