दिल्ली से आई केंद्र सरकार की टीम के प्रवक्ता अशोक कुमार ने बताया कि ओला और अतिवृष्टि से प्रभावित किसी भी किसान को 750 रुपये से कम का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
वह बृहस्पतिवार को चीनी मिल के गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक ओला और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को नौ हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा था, जो अब बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है। इसमें 50 फीसदी धनराशि राज्य सरकार और 50 फीसदी केंद्र सरकार देगी।
बताया कि अब तक केवल 50 फीसदी नुकसान वाले किसानों को ही मुआवजा दिया जा रहा था, लेकिन अब 35 फीसदी नुकसान वाले किसानों को भी मुआवजा दिया जाएगा। बताया कि यूपी के 15 जिलों में ओला और अतिवृष्टि से काफी नुकसान हुआ है, जिसके आकलन के लिए केंद्र सरकार ने तीन टीमें गठित की हैं। हर टीम को दो-दो मंडलों में हुई क्षति का आकलन करना है। उन्होंने बताया कि केवल एक डिस्मिल खेती वाले उन किसानों को भी मुआवजा दिया जाएगा, जिनका नुकसान हुआ है।
प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से गठित टीमें नुकसान का आकलन भी कर रही हैं और यह भी देख रही हैं कि राज्य सरकार ने सभी पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया है या नहीं। टीमें यह भी देखेंगी कि राज्य सरकार ने किसानों को कितना मुआवजा दिया है। उन्होंने बताया कि यूपी में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से सर्वाधिक नुकसान बरेली मंडल, मुरादाबाद मंडल, झांसी मंडल, कानपुर मंडल, चित्रकूट मंडल और लखनऊ मंडल में हुआ है।