जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के स्टोर को लेकर चल रहे विवाद पर डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। तहसीलदार सदर की अध्यक्षता में बनी कमेटी का स्टोर की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ कार्यालय में स्टोर का चार्ज पूर्व में प्रदीप बाबू पर था। वर्ष 2011-12 मे संपूर्ण स्वच्छता अभियान के प्रचार प्रसार के लिए शाहजहांपुर की एक फर्म से 3.50 लाख रुपये की सामग्री खरीदी गई थी लेकिन सामग्री प्राप्त होने के कुछ समय बाद ही योजना का नाम बदल गया जिससे सामग्री निष्प्रयोज्य हो गई। इसके बाद से ही यह सामग्री स्टोर में बंद होना बताई जा रही है। सामग्री को नष्ट करने को लेकर तत्कालीन डीपीआरओ और बाबू में विवाद हो गया था। इस पर बाबू ने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव से की थी। इस मामले में जांच के बाद तत्कालीन डीएम अमित गुप्ता ने डीपीआरओ पर 3.22 लाख की रिकवरी के आदेश दिए थे। लेकिन डीपीआरओ के सेवानिवृत्त होने के चलते मामला लटक गया। इस बीच स्टोर का चार्ज दूसरे कर्मचारी को दे दिया लेकिन आज तक स्टोर को हैंडओवर नहीं किया गया। मामला संज्ञान में आने पर अब डीएम शीतल वर्मा ने डीपीआरओ कार्यालय के स्टोर की जांच लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसमें तहसीलदार सदर विमल शुक्ला को अध्यक्ष जबकि एआर कोआपरेटिव राजेश कुमार सिंह व डीपीआरओ शशिकांत पांडेय को सदस्य बनाया गया है। डीएम ने जांच टीम से स्टोर की जांच कर जल्द रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।