गन्ना समिति बोर्ड की बैठक में चेयरपर्सन के पति सहित कई अन्य अनाधिकृत लोगों के बैठने पर जमकर हंगामा हुआ। कहने के बाद भी बैठक से बाहर न जाने पर सदस्यों ने बहिष्कार कर दिया। विवाद बढ़ता देख चेयरपर्सन के पति को बैठक से बाहर जाना पड़ा। तब कहीं बैठक शुरू हुई। इसमें तीन नए गन्ना केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा गया।
पीलीभीत गन्ना समिति में सुरक्षण को लेकर बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। इसमें चेयरपर्सन ज्ञानवती के साथ उनके पति संतराम भी पहुंच गए। कई और भी अनाधिकृत लोग सदन में आकर बैठ गए। बैठक की कार्यवाही शुरू होने पर सदस्यों ने चेयरपर्सन के पति समेत सभी अनाधिकृत लोगों से बाहर जाने को कहा लेकिन चेयरपर्सन के पति ने कुर्सी नहीं छोड़ी। इस पर काफी देर तक हंगामा और नोंकझोंक हुई। नाराज होकर बोर्ड के सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। हंगामा शांत न होते देख चेयरपर्सन ज्ञानवती के पति को बैठक कक्ष से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद ही बैठक शुरू हुई।
इस दौरान सदस्यों ने गन्ना तौल की समस्याओं को सदन में रखते हुए क्रय केंद्र बढ़ाने की मांग की। इस पर मिल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा। चर्चा के बाद तीन नए क्रय केंद्र बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। सचिव वसी अहमद ने बताया कि जहानाबाद और गोंछ क्रय केंद्रों को विभाजित कर क्रमश: जहानाबाद ए, बी और गोंछ ए, बी केंद्र बनाने का निर्णय हुआ है। साथ ही बिहारीपुर बी केंद्र को विभाजित कर बिहारीपुर बी और भूड़ा सेमनगर उर्फ पंडरी के नाम से नया केंद्र खोलने का प्रस्ताव पास हुआ है। बैठक में उपाध्यक्ष गुरनाम सिंह, रचित अग्रवाल, बाबूराम, महेंद्रपाल, भानमती, रामचंद्र, ऋषिपाल सिंह, अयोध्या प्रसाद, मंगली प्रसाद, विजय पाल, आफाक मलिक, ललित हरि और बजाज मिल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बोर्ड गठित होने के दिन से ही मैं हर बैठक में बैठा हूं। इसके लिए राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद ने मुझे अधिकृत किया है। स्वतंत्रता दिवस पर न बुलाने से सदस्य नाराज थे। बाद में शांतिपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
संतराम, चेयरपर्सन ज्ञानवती के पति
चेयरपर्सन के पति को बोर्ड की बैठक में शामिल होने का अधिकार नहीं है। राज्यमंत्री के पत्र पर विभाग ने विधिक राय भी ली थी, जिसमें उनके बैठने को पूरी तरह असंवैधानिक माना गया।
- गुरुनाम सिंह, उपाध्यक्ष