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नौतेला झील पर संकट के बादल

Tue, 09 May 2017 10:41 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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नौतेला झील पर संकट के बादल
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नगरियाखुर्दकलां के नलडेंगा क्षेत्र स्थित नौतेला झील की भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। कहीं केले की खेती तो कहीं चायनीज धान की फसल उगाई जा रही है। इतना ही नहीं, कुछ अतिक्रमणकारियों ने तो यहां घर भी बना लिए हैं। शारदा सागर डैम के सातवें किलोमीटर के सामने नगरिया खुर्दकला ग्राम पंचायत के नलडेंगा में 34 एकड़ भूमि पर राजस्व अभिलेखों में नौतेला झील बह रही हैं। इस झील के माध्यम से शारदा डैम के सीपेज इलाके का पानी शारदा नदी में जाता हैं और बाढ़ के समय जो जलभराव हो जाता हैं वह पानी भी नौतेला  झील के माध्यम से शारदा नदी में जाता हैं। नियमानुसार राजस्व अभिलेखों में झील की श्रेणी में बदलाव नहीं किया जा सकता है, लेकिन यहां लोगों ने झील की भूमि पर अवैध कब्जे कर कहीं केले तो कहीं गेहूं की फसलें पैदा की जा रही हैं। कुछ लोगों ने अवैध रूप से मकान भी बना लिए हैं। इन सभी के चलते झील के अस्तित्व पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। साथ ही झील के बहाव का क्षेत्र भी संकरा हो गया है। इधर जब बाढ़ के समय शारदा का पानी नौतेला के माध्यम से झील के एरिया में फैलता हैं तो कई दिन तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इधर राजस्व विभाग ने छोटे छोटे तालाबों पर तो ध्यान दिया, लेकिन इस 34 एकड़ रकबे वाली नौतेला झील को अतिक्रमण से मुक्त करने की कोई योजना नहीं बनाई। राजस्व विभाग के कर्मचारी बताते हैं कि झील की श्रेणी में बदलाव नहीं हो सकता और यह रकवा नौतेला झील के रूप में दर्ज चला आ रहा हैं। इधर नगरिया खुर्दकला की ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि परतोष राय कहते हैं कि जो लोग उक्त भूमि पर बैठ गए हैं, राजस्व विभाग को नियमानुसार उनके पट्टे कर देने चाहिए। इसको लेकर एसडीएम व अन्य उच्चाधिकारियों से मिलकर इसका निदान करने का प्रयास किया जाएगा।
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