पीलीभीत। शहर की सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने शहर पहुंचकर गोपनीय तरीके से निरीक्षण शुरू कर दिया है। टीम सड़क सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सार्वजनिक शौचालय, नालों की सफाई, कूड़ा निस्तारण और शहर के सौंदर्यीकरण समेत करीब 10 प्रमुख बिंदुओं पर व्यवस्थाओं को परख रही है।
हर साल नगरीय निकाय की रैंकिंग जारी की जाती है। रैंकिंग को जारी करने से पूर्व केंद्रीय टीम नगर निकायों में पहुंचकर स्वच्छता सर्वेक्षण की जमीनी हकीकत को परखती है। तीन दिन पूर्व केंद्रीय टीम ने शहर में पहुंचकर स्वच्छता सर्वेक्षण की स्थित को परखना शुरू किया।
सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। कई स्थानों पर नाले गंदगी से भरे मिले, जबकि कुछ सार्वजनिक शौचालय बंद पाए गए। टीम ने नदी में गिरने वालों नालों की स्थिति भी देखी। एफएसटीपी प्लांट से लेकर एमआरएफ सेंटर पर कूड़ा निस्तारण की वर्तमान स्थिति को भी देखा गया। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 12,500 अंकों के आधार पर होगा। इसमें जल शोधन, कीचड़ निकासी सेवाओं का मशीनीकरण, जनजागरूकता, स्वच्छता कर्मियों के कल्याण और शिकायत निवारण व्यवस्था को भी शामिल किया गया है। पालिका की ओर से शहर में स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया गया है। करीब 27 हजार लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है।
पिछले सर्वेक्षण में प्रदेश में 144 वां स्थान था मिला
पिछले सर्वेक्षण में नगर पालिका को प्रदेश में 144 वां और देश में 210 वां स्थान मिला था। अब नगर पालिका समेत शहरवासियों की नजर नई रैंकिंग पर टिकी है। एसवीएम के डीपीएम अंशुल गुप्ता ने बताया बताया कि केंद्र से टीम आई हुई है, जो गोपनीय तरीके से शहर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही है। उसी आधार पर रैंकिंग तय होगी। संवाद