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ड्राइवर और अर्दली की भूमिका निभा रहे सफाईकर्मी

Mon, 15 May 2017 10:25 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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 जिस जिले में सफाई व्यवस्था को तैनात किए गए पंचायत सफाई कर्मचारी ड्राइवर, अर्दली खानसामा और लिपिक की भूमिका निभाएंगे उस जिले को सफाई में 374वां स्थान मिलना कोई हैरानी की बात नहीं है। जिले के लगभग छह दर्जन पंचायत सफाई कर्मचारी अनाधिकृत रूप से विभिन्न स्थानों पर संबद्ध चल रहे हैं। कई शिकायतों के बाद भी इनकी संबद्धता समाप्त नहीं की जा रही है। जिले के 721 ग्राम पंचायतों एवं उनके मजरों की नियमित सफाई के करीब आठ साल पूर्व पंचायत सफाई कर्मचारी तैनात किए गए थे। जिले में लगभग 1300 पंचायत सफाई कर्मचारी कार्यरत है लेकिन गांव की सफाई व्यवस्था फिर भी चौपट है। इसके पीछे सबसे प्रमुख कारण है मिलीभगत के चलते पंचायत सफाई कर्मियों का विभिन्न कार्यालयों, आवासों एवं अधिकारियों के साथ अटैच होना। कोई आवासों में खानसामा है तो कई अधिकारियों के ड्राइवर हैं। इसके अलावा कुछ से अर्दली का काम लिया जा रहा है तो कुुछ पढ़े लिखो से लिपिक का काम कराया जा रहा है। कर्मचारियों को अपने साथ अटैच करने में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ब्लाक स्तरीय अधिकारी भी पीछे नहीं है। विकास खंड स्तर के कई अधिकारियों ने भी पंचायत सफाई कर्मचारियों को अटैच कर रखा है। पिछले दिनों प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद डीपीआरओ कार्यालय में पंचायत सफाई कर्मचारियों की फाइल की धूल साफ कर अटैच चल रहे कर्मचारियों की सूची तैयार करने का काम शुरू किया गया है। माना जा रहा है जल्द इसमें कोई कार्रवाई होगी। इस बाबत डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने बताया कि सूची बनाई जा रही है। जल्द सभी की संबद्धता समाप्त कर गांव में भेजा जाएगा।
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