पीलीभीत। अवैध खनन रोकने के लिए भले ही शासन की ओर से सख्ती बरती जा रही हो, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते माफिया के हौसले बुलंद हैं। कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी से अवैध खनन के मामले में उच्च अधिकारियों के आदेश पर जांच की गई, लेकिन तहसील प्रशासन ने इसमें खेल कर खनन माफिया को क्लीनचिट दे दी।
कलीनगर तहसील के सीमावर्ती क्षेत्र से शारदा नदी गुजरती है। बरसात के बाद नदी कई जगह रेत छोड़ जाती है। नदी का कुछ भाग टाइगर रिजर्व के अधीन पड़ता है। अवैध खनन से जुड़े लोग क्षेत्रीय वन, पुलिस और राजस्व कर्मियों से मिलकर खनन करते हैं। नदी से साल भर अवैध खनन किया गया। गभिया सहराई के कुछ लोगों ने ट्रैक्टरों से अवैध खनन किया।
नदी के किनारे से खनन करने ने गहरे गड्ढे हो गए। इससे कटान का खतरा बढ़ गया। क्षेत्रीय लोगों के अलावा सीमावर्ती क्षेत्र पर नजर रखने वाली खुफिया एजेंसियों ने खनन के पूरे मामले की अफसरों को रिपोर्ट भेजी। मामले को गंभीरता से लेकर अफसरों ने कलीनगर तहसील प्रशासन को जांच के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार ने मौके पर जाकर जांच की। हालांकि जांच में शिकायत की स्थिति को दरकिनार कर धंधेबाजों को क्लीनचिट दे दी गई। नायब तहलीलदार अक्षय यादव ने बताया कि शारदा नदी से अवैध खनन की जांच की गई। इसमें कोई गड़बड़ी न मिलने की बात कही गई है।