बरखेड़ा। राष्ट्रीय ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत शनिवार को सभी ब्लॉकों में ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान पीने के पानी की उचित व्यवस्था न होने पर गुस्साए प्रधानों ने जमकर हंगामा किया। बीडीओ के व्यवस्था सुधारने पर प्रधान शांत हुए।
पंचायती राज विभाग की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत नव निर्वाचित प्रधानों प्रशिक्षक के लिए ब्लॉक कार्यालय बुलाया गया। प्रशिक्षण सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ। बरखेड़ा ब्लॉक में प्रशिक्षण के लिए पहुंचे प्रधानों के लिए पीने का पानी तो रख दिया गया, लेकिन ग्लास नहीं रखे गए। इस पर प्रधानों का गुस्सा भड़क उठा। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष रूद्रपाल गंगवार समेत कई प्रधानों ने प्रशिक्षण का बहिष्कार कर दिया और कमरों से बाहर निकाल गए। उन्होंने अव्यवस्थाओं का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि प्रशिक्षण में पुरुषों के साथ महिला प्रधान भी शामिल हैं। शिविर में पीने के लिए पानी की सही व्यवस्था नहीं है। पानी के डिब्बे बाहर रखवा दिए गए हैं। ग्लास न होने की वजह से महिला प्रधानों को पानी पीने में खासी दिक्कत हो रही है।
हंगामा होते देख प्रभारी एडीओ पंचायत मोहम्मद रिजवान ने तत्काल पानी पीने के लिए गिलासों व्यवस्था कराई। अन्य व्यवस्थाएं भी सुधारने का आश्वासन दिया। इस पर करीब आधा घंटे हंगामा करने के बाद प्रधान शांत हो गए। इसके बाद प्रशिक्षण शुरू हो सका। इनमें हरिनंदन गंगवार, शांति स्वरूप वर्मा, इंद्रपाल गंगवार, हरीश कुमार, गंगाराम, रामऔतार वर्मा आदि मौजूद रहे।
720 प्रधानों को दिया गया प्रशिक्षण
पीलीभीत। एक दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के 750 प्रधानों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रदेश डीएम पुलकित खरे, सलाहकार सुनील पांडेय, बरेली मंडल के डीडी पंचायत महेंद्र पाल ने योजनाओं की जानकारी दी।
सभी ब्लाकों में हुए प्रशिक्षण के लिए 20-20 ग्राम प्रधानों की टोली बनाई गई थी। प्रशिक्षण सुबह साढ़े दस बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चला। इसमें ग्राम पंचायत विकास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत भवन अंत्योष्टि स्थल, सामुदायिक शौचालय, वित्तीय पोषण आदि की जानकारी दी गई। शिविर में डीएम पुलकित खरे ने कहा कि गांव की जनता ने विकास की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दी है। इसलिए बिना किसी भेदभाव के गांव का विकास और जरूरतमंद को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से लाभ दिलाएं। गांव का विकास कर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करें। समस्या आने पर संबंधित अधिकारियों को बताएं।
सभी जगह शांति पूर्ण प्रशिक्षण संपन्न हुआ है। बरखेड़ा में पीने के पानी की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान नाराजगी व्यक्त करने लगे थे। इस पर तत्काल पानी की उचित व्यवस्था करा दी गई थी। बाद में शिविर शांति पूर्ण चलता रहा। - प्रमोद कुमार यादव, डीपीआरओ