पूरनपुर। गेहूं खरीद केंद्र के सरकारी बारदाना सहित कार सवार राइस मिलर के पकड़ेे जाने के मामले में पीसीएफ के जिला प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्ट के साथ विभागीय कार्रवाई की गई। राइस मिलर का चरित्र और हैसियत प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। जिस कार में बारदाना पकड़ा गया, डीएम ने उस कार का रजिट्रेशन निरस्त करने के आदेश एआरटीओ को दिए है।
मंडी समिति में जून माह में सिमरिया ताल्लुके अजीतपुर के पीसीएफ खरीद केंद्र को शिफ्ट किया गया था। खरीद केंद्र से सरकारी बारदाना की दो गांठे (1000 बोरा) को कार से 10 जून की रात को ले जाते अन्नदाता किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मोहल्ला गनेशगंज निवासी राइस मिलर विशाल गुप्ता को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी समिति के सचिव राजानंद की ओर से विशाल गुप्ता और खरीद केंद्र प्रभारी पंकज झा पर अमानयत में खयानत और गबन की दोनों पर रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने बाद में बारदाना बरामदगी की धारा बढ़ाई थी। खरीद केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने राइस मिलर को कुछ घंटे बाद ही कोतवाली से छोड़ दिया था। पुलिस का तर्क था कि दर्ज रिपोर्ट की धाराओं के अनुसार सौंपे गए आरोपी का चालान नहीं किया जा सकता था। आरोपी खरीद केंद्र प्रभारी की गिरफ्तारी के भी कोई प्रयास नहीं हुए। मामले में डीएम ने कड़ी कार्रवाई की। डिप्टी आरएमओ अवनीश झा ने बताया कि पीसीएफ के जिला प्रबंधक को डीएम ने प्रतिकूल प्रविष्ट दी है। विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राइस मिलर को ब्लैक लिस्ट कर उसके चरित्र, हैसियत, जीएसटी पंजीकरण आदि के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया। राइस मिलर की जिस कार में बारदाना पकड़ा गया था, उस कार का पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश एआरटीओ को दिए गए है।